Chas-चास का आंतक बंदरिया- पिछले 10 दिनों में अपने तेज नाखूनों से 70 लोगों को घायल कर चुकी
बंदरिया को आखिरकार आज वन विभाग की टीम ने धर दबोचा
धर्मशाला मोड़ उसके आसपास में लोग इस बंदरिया के नाम से कांपने लगे थें.
इस बंदरिया के उत्पाद के कारण लोग खौफ के साए में जीने को मजबूर थें.
चास का आंतक बंदरिया- जिसकी खोज में भटक रही थी वन विभाग की टीम
वन विभाग की टीम कई दिनों से इसके पीछे पड़ी हुई थी,
लेकिन बंदरिया हर बार वन विभाग के कर्मियों को चकमा देकर निकल जाती है.
लेकिन आज रेस्क्यू टीम को आखिरकार सफलता हाथ लग गयी.
वन विभाग की टीम ने उसे भगवती कॉलोनी से पकड़ लिया और उसे अपने साथ पिंजरे में बंद कर ले गयी.
चास का आंतक बंदरिया- स्थानीय लोगों ने ली राहत की सांस
बंदरिया के पकड़े जाने के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है.
बतलाया जा रहा है कि कुत्तों बंदरों के झुंड के बीच से एक छोटा बंदर को घायल कर दिया था.
जिसकी बाद में मौत हो गयी थी, स्थानीय लोगों ने उसे दफना दिया था,
यह बंदरिया तब से अपना उत्पात मचा रही थी.
अपने बच्चों के प्रति काफी संवेदनशील होते हैं बंदर
माना जाता है कि बंदर अपने बच्चों के प्रति काफी संवदेशील होते हैं, बच्चों की सुरक्षा के लेकर वे कोई खतरा नहीं लेते, यदि उनके बच्चे को कोई नुकसान पहुंचान की भी कोशिश करता तो वे काफी आक्रमक हो जाते हैं.
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