Chirag Paswan Opposition Rally Statement, पटना: रामलीला मैदान में विपक्ष की रैली के बाद केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि विपक्ष चुनाव में हार के बाद कभी ईवीएम (EVM) तो कभी एसआईआर (SIR) को लेकर सवाल उठाता है, जबकि उसे अपनी राजनीतिक और संगठनात्मक कमजोरियों पर आत्ममंथन करना चाहिए। चिराग पासवान ने अपने पोस्ट में हाल ही में हुए विधान परिषद चुनावों का जिक्र करते हुए कांग्रेस के प्रदर्शन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ये चुनाव बैलेट पेपर से हुए थे। ऐसे में कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर भी सवाल उठना चाहिए। उनके मुताबिक, जब चुनाव में ईवीएम का इस्तेमाल नहीं हुआ, तब पार्टी के प्रदर्शन के लिए किसे जिम्मेदार ठहराया जाएगा?
विपक्ष की रैली के बाद चिराग पासवान का बयान
रामलीला मैदान में विपक्षी दलों की रैली के बाद चिराग पासवान की यह प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि विपक्षी दल चुनावी नतीजों के बाद ईवीएम और एसआईआर को लेकर सवाल उठाते हैं। उनके अनुसार, ऐसा करके विपक्ष अपनी राजनीतिक स्थिति और संगठन से जुड़े सवालों से ध्यान हटाने की कोशिश करता है। चिराग ने विपक्ष की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि चुनावी हार के कारणों की तलाश लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल उठाने के बजाय अपने नेतृत्व और नीतियों में की जानी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस के राजनीतिक इतिहास का हवाला देकर पार्टी की मौजूदा स्थिति पर भी सवाल उठाए।
बैलेट पेपर से हुए चुनाव का दिया उदाहरण
अपने बयान में चिराग पासवान ने हालिया विधान परिषद चुनावों को उदाहरण के तौर पर पेश किया। उन्होंने कहा कि इन चुनावों में बैलेट पेपर का इस्तेमाल हुआ था। इसके बावजूद कांग्रेस का प्रदर्शन कैसा रहा, इस पर भी चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि जब चुनाव ईवीएम से नहीं हुए, तो फिर चुनावी नतीजों के लिए ईवीएम को जिम्मेदार ठहराने का तर्क कहां रह जाता है? चिराग के इस बयान के जरिए विपक्ष की ओर से ईवीएम को लेकर उठाए जाने वाले सवालों पर पलटवार किया गया है।
SIR को लेकर विपक्ष पर डर फैलाने का आरोप
चिराग पासवान ने अपने पोस्ट में एसआईआर यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष इस मुद्दे को लेकर लोगों के बीच डर का माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है। उनका कहना है कि चुनावी प्रक्रिया और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल उठाने से पहले विपक्ष को अपने राजनीतिक प्रदर्शन की समीक्षा करनी चाहिए। चिराग ने इस बात पर जोर दिया कि चुनाव में लगातार मिल रही चुनौतियों के कारणों को पार्टी के नेतृत्व, नीतियों और संगठनात्मक स्थिति में तलाशने की जरूरत है।
रामलीला मैदान में विपक्ष की रैली आज एक बार फिर उनकी राजनीति का असली चेहरा दिखा रही है—हार का ठीकरा कभी EVM पर, कभी SIR पर!
लेकिन सवाल यह है कि हाल ही में विधान परिषद चुनाव बैलेट पेपर से हुए। कांग्रेस का प्रदर्शन क्या रहा ?
तो फिर EVM को दोष देने का बहाना कहाँ गया? और SIR को…
— युवा बिहारी चिराग पासवान (@iChiragPaswan) November 1, 2026
बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल का किया जिक्र
चिराग पासवान ने अपने बयान में बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन राज्यों में कांग्रेस लंबे समय तक सत्ता में रही है, लेकिन अब पार्टी की राजनीतिक स्थिति पहले जैसी नहीं है। उन्होंने बिहार में कांग्रेस के मुख्यमंत्री के कार्यकाल को कई दशक पुराना बताया। वहीं, उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के आखिरी मुख्यमंत्री का कार्यकाल 1980 के दशक में होने का जिक्र किया। चिराग के मुताबिक, कांग्रेस को इन राज्यों में अपनी कमजोर होती राजनीतिक स्थिति के कारणों पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनावी नतीजों के बाद ईवीएम या एसआईआर पर सवाल उठाने के बजाय पार्टी को अपनी नीतियों और नेतृत्व की समीक्षा करनी चाहिए।
लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल उठाने को लेकर विपक्ष को घेरा
चिराग पासवान ने अपने पोस्ट के अंत में विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह अपनी राजनीतिक और संगठनात्मक कमजोरियों पर आत्ममंथन करने के बजाय हर चुनाव के बाद लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल खड़ा करता है। उनका यह बयान रामलीला मैदान में हुई विपक्षी रैली के बाद राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गया है। फिलहाल, चिराग पासवान ने अपने बयान के जरिए ईवीएम, एसआईआर और कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा है। उनका कहना है कि चुनावी सफलता और विफलता का आकलन पार्टी को अपने नेतृत्व, नीतियों और संगठन के आधार पर करना चाहिए।
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