लाखों की घोटाले का शिकार हुए गोड़ारी पंचायत के 57 पशुपालक, DM से की न्याय की मांग

सासाराम : रोहतास जिले के काराकाट प्रखंड गोड़ारी पंचायत क्षेत्र में मनरेगा के तहत बनने वाले पशु शेड निर्माण में भारी धांधली का मामला प्रकाश में आया है। जहां एक ओर नीतीश सरकार द्वारा गरीब असहाय लोगों के लिए योजनाएं दी जाती हैं, वहीं दूसरी ओर स्थानीय जनप्रतिनिधि और अधिकारियों की मिलीभगत से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं में धांधली के मामले उजागर हुए हैं। पशु शेड के नाम पर लभभग एक करोड़ की घोटाले का मामला काराकाट प्रखंड के गोड़ारी पंचायत से सामने आया है। यहां करीब 57 पशुपालकों से शेड के नाम पर पैसा उगाही की गई है। दर्जनों पशुपालकों को तो पता भी नहीं है कि उनके नाम पर पशु शेड निर्माण कार्य दिखा कर पैसा निकाला गया है।

निर्मित पशु शेड का भौतिक सत्यापन किया जाए, तो सामने आ सकता है बड़ा घोटाला 

यदि 2020-21 में निर्मित पशु शेड का भौतिक सत्यापन किया जाए, तो बड़ा घोटाला सामने आ सकता है। पशुपालकों ने बताया कि मनरेगा विभाग के रोजगार सेवक और तत्कालीन मुखिया ने कहा कि पशुपालन के लिए पशु शेड का निर्माण हो रहा है। इसके लिए उन्हें पहले अपने पैसे से शेड का निर्माण करना है। शेड बनने के बाद, राशि का भुगतान विभाग द्वारा किया जाएगा। पशुपालकों ने प्राइवेट मार्केट और माइक्रो फाइनेंस से कर्ज लेकर शेड का निर्माण किया। लेकिन जब उन्होंने राशि की मांग की, तो पता चला कि पशु शेड की राशि किसी वेंडर के खाते में डाली गई है। लेकिन लोग पिछले चार से पांच वर्षों से स्थानीय जनप्रतिनिधियों और मनरेगा कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। जबकि शेड निर्माण के बाद भी उन्हें भुगतान की राशि का इंतजार है।

यह भी देखें :

मामले की जांच के लिए गठित की जाएगी एक टीम – जिलाधिकारी 

पशुपालकों को बताया गया था कि शेड निर्माण के बाद भुगतान एक सप्ताह में हो जाएगा, लेकिन आज चार से पांच वर्ष बीत चुके हैं और राशि का भुगतान नहीं हुआ। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलकर गुहार लगाने की बात की जा रही है।जिलाधिकारी उदिता सिंह ने कहा कि मामले की जांच के लिए एक टीम गठित की जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। जब मनरेगा कार्यक्रम पदाधिकारी राजेश कुमार से जानकारी ली गई। उन्होंने बताया कि उनके संज्ञान में ऐसा कोई मामला नहीं है। आदेश आते ही जांच करवाई की जाएगी। उपमुख्य पार्षद रविश रंजन ने जिलाधिकारी को लिखित आवेदन देकर जांच की मांग की है। बताया कि लोग पिछले चार से पांच वर्षों से स्थानीय जनप्रतिनिधियों और मनरेगा कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं। जबकि शेड निर्माण की जरूरत के लिए अनुदान राशि एक लाख 60 हजार रुपए और दो गाय रखने के लिए 77 हजार रुपए निर्धारित थी।

यह भी पढ़े : छात्रा के साथ शिक्षक ने की अश्लील हरकत, घरवालों ने की शिकायत

Bihar Industrial Development: उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने महवल लेदर पार्क...

Bihar Industrial Development: बिहार में औद्योगिक विकास और निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने मुजफ्फरपुर स्थित मेगा लेदर,...

JioPC Launch: अब बिना नया कंप्यूटर खरीदे पढ़ाई और AI का...

JioPC Launch: रिलायंस जियो ने छात्रों, स्कूलों, कॉलेजों और स्किल सेंटरों के लिए जियोपीसी (JioPC) सेवा पेश की है। इस क्लाउड आधारित सेवा का...

Sarfaraz Hussain Top 2% Scientists: बिहार के डॉ. सरफराज हुसैन लगातार...

Sarfaraz Hussain Top 2% Scientists, सहरसा: बिहार के सहरसा जिले के लॉर्ड बुद्धा कोशी फार्मेसी कॉलेज के प्रोफेसर प्रो. डॉ. मो. सरफराज हुसैन ने...