मोतिहारी : पूर्वी चंपारण जिले के ढाका विधानसभा क्षेत्र में बिजली व्यवस्था को लेकर सरकार के दावों की हकीकत कुछ और ही तस्वीर पेश कर रही है। भले ही राज्य और केंद्र की एनडीए सरकार हर घर बिजली पहुंचाने का दावा करती हो, लेकिन घोड़ासहन प्रखंड के विजयी पंचायत के कई टोले आज भी बुनियादी सुविधा से वंचित हैं। यहां के लोग जान जोखिम में डालकर बांस के खंभों के सहारे बिजली का उपयोग कर रहे हैं। ढाका के विधायक फैसल रहमान ने हाल ही में बिजली विभाग की बैठक में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया।
विजयी पंचायत के कई वार्डों में आज तक बिजली के पोल नहीं गाड़े गए हैं – MLA फैसल रहमान
विधायक फैसल रहमान ने बताया कि विजयी पंचायत के कई वार्डों में आज तक बिजली के पोल नहीं गाड़े गए हैं। विधायक के सवाल के बाद जिला मुख्यालय से करीब 45 किलोमीटर दूर इस पंचायत में पहुंची। जांच के दौरान वार्ड संख्या-2 और 3 में जो तस्वीर सामने आई, वह चौंकाने वाली थी। कई घरों तक बिजली के तार बांस के खंभों के सहारे पहुंचाए गए हैं। कुछ जगहों पर तो 400 से 500 मीटर तक तार इसी तरह खींचे गए हैं, जो किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहे हैं।

ग्रामीणों ने कहा- यह स्थिति कई वर्षों से बनी हुई है
ग्रामीणों ने बताया कि यह स्थिति कई वर्षों से बनी हुई है। गांव के निवासी जावेद ने बताया कि पंचायत के कई इलाकों में आज भी लोग मजबूरी में बांस के सहारे बिजली जला रहे हैं। वहीं, ईसर देवी ने कहा कि वे वर्षों से बिजली का बिल भी जमा कर रही हैं, लेकिन आज तक उनके टोले में सरकारी पोल नहीं लगाया गया। उन्होंने कई बार विभाग में शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। गांव के मुखिया रामलखन ने बताया कि यह दलित बस्ती है, जहां के लोग बेहद गरीब हैं।
हमारे नसीब में शायद इसी तरह जीना लिखा है – ईसर देवी
उन्होंने कहा कि हमारे नसीब में शायद इसी तरह जीना लिखा है। मिट्टी तेल भी ठीक से नहीं मिलता, ऐसे में अंधेरे को दूर करने के लिए बिजली ही एक सहारा है, लेकिन वह भी सुरक्षित नहीं है। स्थिति इतनी गंभीर है कि ग्रामीणों ने खुद चंदा जुटाकर सीमेंट के खंभे खरीदे और उसी के सहारे बिजली के तार अपने घरों तक पहुंचाए। इससे पहले वे पूरी तरह बांस के खंभों पर निर्भर थे, जो अक्सर गिर जाते थे। कई बार इसके कारण लोगों को करंट लगने की घटनाएं भी हुई हैं।

हाल ही में वार्ड संख्या-2 में एक बच्चा खुले तार की चपेट में आ गया था
हाल ही में वार्ड संख्या-2 में एक बच्चा खुले तार की चपेट में आ गया था। गनीमत रही कि समय रहते बिजली कट गई और उसकी जान बच गई। इस घटना के बाद ग्रामीणों में भय और बढ़ गया है, खासकर उन परिवारों में जहां पुरुष रोज़गार के लिए बाहर रहते हैं और महिलाएं बच्चों के साथ घर पर अकेली होती हैं। विधायक फैसल रहमान ने बताया कि उन्होंने कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों को आवेदन दिया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
इस मुद्दे को विभागीय बैठक में उठाया गया है तब से अधिकारी क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं – MLA
उन्होंने कहा कि जब से इस मुद्दे को विभागीय बैठक में उठाया गया है तब से अधिकारी क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं, लेकिन अब तक जमीनी स्तर पर सुधार नहीं दिख रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही बिजली के पोल और सुरक्षित लाइन की व्यवस्था नहीं की गई, तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। ऐसे में सरकार और बिजली विभाग के दावों पर सवाल उठना लाजिमी है।


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सोहराब आलम की रिपोर्ट
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