मोतिहारी : पूर्वी चंपारण जिले के बनकटवा में सशस्त्र सीमा बल (SSB), पुलिस और कृषि विभाग की संयुक्त कार्रवाई हुई है। कई कारोबारियों पर एफआईआर की तैयारी चल रही है। सीमावर्ती इलाकों में छापेमारी जारी है। पूर्वी चंपारण के सीमावर्ती बनकटवा प्रखंड में उर्वरक की कालाबाजारी और नकली डीएपी बनाने वाले गिरोह के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। छह जुलाई 2026 की रात एसएसबी की 71वीं बटालियन, स्थानीय पुलिस और कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने बड़हरवा, रेगनिया, आठमोहन और बीजबनी गांवों में छापेमारी कर तस्करी के लिए रखे गए करीब दो हजार बैग उर्वरक बरामद किए।
संयुक्त टीम ने सभी उर्वरकों को जब्त कर लिया है
संयुक्त टीम ने सभी उर्वरकों को जब्त कर लिया है। इस मामले में जावेद अंसारी, विश्वनाथ राय, सिकंदर राय, सिखु राय और सुधीर राय के खिलाफ उर्वरक कालाबाजारी के आरोप में प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। छापेमारी के दौरान अगरवा गांव में प्रमोद राय और मदन राय द्वारा नकली डीएपी खाद तैयार किए जाने का भी खुलासा हुआ। मौके पर नकली डीएपी बनाने के पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ किया गया। दोनों आरोपियों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की जा रही है।

यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई – जिला कृषि पदाधिकारी मनीष कुमार सिंह
जिला कृषि पदाधिकारी मनीष कुमार सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में उर्वरक की कालाबाजारी और तस्करी पर रोक लगाने के लिए आगे भी लगातार छापेमारी जारी रहेगी ताकि किसानों को समय पर और उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराई जा सके।

किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी – प्रशासन
जिला कृषि पदाधिकारी मनीष कुमार सिंह ने यह भी बताया कि इससे पहले भी बनकटवा, आदापुर, छौड़ादानों और घोड़ासहन प्रखंड के कई खाद दुकानदारों और प्रतिष्ठानों के खिलाफ उर्वरक की कालाबाजारी के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

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सोहराब आलम की रिपोर्ट
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