सजा पूरी होने के बाद भी मुक्ति की राह देख रही एक बांग्लादेशी महिला

Nalanda- सजा की अवधि पूरी होने के बाद भी एक बांग्लादेशी महिला को जेल में रखे जाने का मामला सामने आया है.

इस मामले में मानवाधिकार कार्यकर्ता और अधिवक्ता एसके झा की सक्रियता के बाद प्रशासन ने

अधिवक्ता से मामले में रिपोर्ट तलब किया है.  दरअसल 12 अक्टूबर 2019 को नालंदा जिले के

नूरसराय थाना क्षेत्र अंतर्गत अहियापुर से एक बांग्लादेशी महिला को पुलिस ने गिरफ्तार किया था,

जिसे पूछताछ के बाद जेल भेज दिया गया था.

उक्त महिला के पास कोई भी वैध दस्तावेज नहीं था, इस मामले में कोर्ट ने ₹500 रुपए जुर्माना और

1 साल की सजा दी थी. लेकिन एक 1 साल की सजा पूरा होने के भी जुर्माने की राशि नहीं जमा किए

जाने के कारण महिला को रिहा नहीं किया जा सका.  उसकी सजा बढ़ा दी गयी.

जब इसकी जानकारी मानवाधिकार आयोग को मिली, तब  मानवाधिकार अधिवक्ता एसके झा के

द्वारा एक याचिका दायर कर महिला को महिला सुधार गृह भेजा दिया गया.

महिला की पहचान रिया आफरीन रुपा के रुप में हुई है. इस मामले में मानवाधिकार ने

आयोग को महिला को वापस भेजने का निर्दश दिया है. लेकिन अब तक महिला के

एड्रेस का सत्यापन नहीं किया गया है.  प्रशासन महिला का एड्रेस का सत्यापन करने की कोशिश कर रही है.

एड्रेस का सत्यापन के बाद ही महिला को वापस भेजे जाने की प्रक्रिया शुरु की जायेगी.

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