हजारीबाग के कटकमसांडी में छह माह के बच्चे की मौत का मामला सामने आया है। मां ने पिता पर बच्चे को पटककर जान लेने का आरोप लगाया है।
Hazaribagh Crime रांची: हजारीबाग जिले के कटकमसांडी स्थित लुपूंग गांव में छह माह के मासूम की मौत का मामला सामने आया है। बच्चे की मां निराली कुमारी ने अपने पति आकाश कुमार पर बेटे अंश को जान से मारने के इरादे से कुएं के पास बने ढलाई वाले फर्श पर पटकने का आरोप लगाया है। घटना 25 अगस्त की सुबह की बतायी जा रही है।
निराली ने इस संबंध में कटकमसांडी थाना में मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने आरोपी पिता आकाश कुमार और दादी कांति देवी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
Hazaribagh Crime: सड़े आलू को लेकर हुआ विवाद
बच्चे की मां के अनुसार घटना की सुबह करीब आठ बजे घर में सड़े आलू को लेकर उनकी सास कांति देवी के साथ विवाद हो रहा था। इसी दौरान उनके पति ने बिस्तर पर सो रहे छह माह के बेटे अंश को उठाया और कुएं की ओर बने ढलाई वाले फर्श पर पटक दिया।
मां का आरोप है कि फर्श पर गिरने से बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद उन्होंने पति से बच्चे का इलाज कराने की गुहार लगायी, लेकिन वह घायल बेटे को अस्पताल ले जाने के लिए तैयार नहीं हुआ।
Key Highlights
हजारीबाग के कटकमसांडी के लुपूंग गांव में छह माह के बच्चे की मौत।
मां ने पिता पर बेटे को फर्श पर पटककर मारने का आरोप लगाया।
सड़े आलू को लेकर मां और दादी के बीच विवाद होने की बात सामने आयी।
घायल बच्चे को सदर अस्पताल से रिम्स रांची रेफर किया गया था।
पुलिस ने आरोपी पिता और दादी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
Hazaribagh Crime: सदर अस्पताल से रिम्स किया गया रेफर
निराली ने बताया कि पति के इलाज कराने से इनकार करने के बाद वह गांव के एक व्यक्ति की मदद से घायल बच्चे को हजारीबाग सदर अस्पताल लेकर गयीं। बच्चे की गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे बेहतर इलाज के लिए रिम्स रांची रेफर कर दिया।
बच्चे को रांची ले जाने के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मासूम की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा है।
Hazaribagh Crime: पुलिस पिता और दादी से कर रही पूछताछ
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आरोपी पिता और दादी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों और बच्चे की मौत की परिस्थितियों की जांच कर रही है।
पुलिस की जांच के बाद ही घटना के वास्तविक कारण और बच्चे की मौत के लिए जिम्मेदार परिस्थितियों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


















