रक्षाबंधन पर रांची से महानगरों के लिए हवाई किराया बढ़ गया है। कोलकाता का टिकट 10,500 रुपये, दिल्ली का 7,500 रुपये तक पहुंच गया।
Flight Fare रांची: रक्षाबंधन के त्योहार पर घर लौटने और त्योहार के बाद महानगरों में वापस जाने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ने से रांची से हवाई किराए में बड़ा उछाल आया है। मांग बढ़ने के साथ रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से उड़ानों की संख्या घटने से यात्रियों की परेशानी और बढ़ गयी है। अप्रैल और मई में जहां एयरपोर्ट से रोजाना 56 से 58 उड़ानों का संचालन हो रहा था, वहीं अब यह संख्या घटकर 42 से 44 रह गयी है।
सीटों की कमी और त्योहार के दौरान बढ़ी मांग का असर टिकटों की कीमत पर साफ दिखाई दे रहा है। अलग-अलग रूट पर हवाई किराए में सामान्य दिनों की तुलना में करीब 15 से 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है।
Flight Fare:कोलकाता का टिकट 10,500 रुपये के पार
रांची से कोलकाता जाने वाले यात्रियों पर सबसे ज्यादा किराए का असर पड़ा है। सामान्य दिनों में करीब 4,000 रुपये में मिलने वाला टिकट 27 अगस्त के लिए बढ़कर 10,500 रुपये तक पहुंच गया है। यानी यात्रियों को सामान्य किराए की तुलना में करीब ढाई गुना तक भुगतान करना पड़ रहा है।
रांची से अन्य प्रमुख महानगरों के किराए में भी बढ़ोतरी दर्ज की गयी है। दिल्ली का टिकट करीब 7,500 रुपये, बेंगलुरु का 9,000 रुपये, मुंबई का 8,500 रुपये और पुणे का 8,500 रुपये तक पहुंच गया है।
Flight Fare:प्रमुख रूट पर कितना पहुंचा किराया
| गंतव्य | 27 अगस्त का किराया | सामान्य किराया |
|---|---|---|
| कोलकाता | 10,500 रुपये | 4,000 रुपये |
| दिल्ली | 7,500 रुपये | 6,000 रुपये |
| बेंगलुरु | 9,000 रुपये | 7,500 रुपये |
| मुंबई | 8,500 रुपये | 7,500 रुपये |
| पुणे | 8,500 रुपये | 7,500 रुपये |
Key Highlights
रक्षाबंधन के कारण रांची से हवाई यात्रा की मांग बढ़ी।
रांची-कोलकाता टिकट का किराया 10,500 रुपये तक पहुंचा।
अप्रैल-मई में 56 से 58 के मुकाबले अब 42 से 44 उड़ानें संचालित हो रही हैं।
अलग-अलग रूट पर हवाई किराए में 15 से 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई।
दिल्ली, बेंगलुरु, मुंबई और पुणे के किराए में भी उछाल आया।
Flight Fare:उड़ानों की संख्या घटने से बढ़ी परेशानी
रक्षाबंधन के दौरान बड़ी संख्या में लोग दूसरे शहरों से रांची पहुंचते हैं और त्योहार के बाद वापस लौटते हैं। ऐसे में हवाई यात्रा की मांग पहले से बढ़ जाती है। इस बार उड़ानों की संख्या कम होने के कारण उपलब्ध सीटों पर दबाव और बढ़ गया है।
अप्रैल-मई में रांची एयरपोर्ट से प्रतिदिन 56 से 58 उड़ानों का संचालन हो रहा था। अब यह संख्या घटकर 42 से 44 उड़ानों तक रह गयी है। मांग और उपलब्ध सीटों के बीच बढ़े अंतर का सीधा असर हवाई टिकटों की कीमत पर पड़ रहा है।


















