बिहार में बाढ़ और कटावरोधी कार्यों की समीक्षा के दौरान जल संसाधन विभाग के सचिव ने संवेदनशील तटबंधों पर 24×7 निगरानी, संसाधनों की उपलब्धता और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
Flood Fighting Review पटना: बिहार में मानसून के दौरान संभावित बाढ़ और कटाव की स्थिति को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य में चल रहे कटावरोधी एवं बाढ़ संघर्षात्मक कार्यों की प्रक्षेत्रवार समीक्षा की। उन्होंने सभी मुख्य अभियंताओं को तटबंधों पर सतत निगरानी रखने, आवश्यक बाढ़ संघर्ष सामग्री का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
सचिव ने कहा कि जहां भी मुख्यालय के सहयोग की आवश्यकता होगी, वहां तत्काल समन्वय स्थापित कर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। बैठक में मधेपुरा, भागलपुर, भोजपुर और सारण समेत कई संवेदनशील क्षेत्रों में चल रहे कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई।
Flood Fighting Review: भोजपुर और सारण में तेजी से चल रहे कटावरोधी कार्य
समीक्षा के दौरान बताया गया कि भोजपुर जिले के जवइनियाँ क्षेत्र में बक्सर-कोईलवर गंगा तटबंध के किलोमीटर 58.00 से 59.20 के बीच ग्राम गंगापुर, भुसौला, नंदपुर और दामोदरपुर के समीप 1,200 मीटर लंबाई में कटावरोधी कार्य कराया जा रहा है। इस परियोजना का करीब 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और शेष कार्य 7 अगस्त तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
सारण जिले के सोनपुर प्रखंड के सबलपुर-पछियारी टोला के पास करीब दो किलोमीटर लंबाई में कटाव निरोधक कार्य किया जा रहा है। विभाग के अनुसार नदी तल और संवेदनशील हिस्सों की सुरक्षा का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि अन्य हिस्सों में एहतियातन कार्य जारी है। सचिव ने अधिकारियों को क्षेत्र में लगातार चौकसी बनाए रखने के निर्देश दिए।
Key Highlights
जल संसाधन विभाग ने राज्यभर में बाढ़ संघर्षात्मक और कटावरोधी कार्यों की समीक्षा की।
संवेदनशील तटबंधों पर 24×7 निगरानी और त्वरित कार्रवाई के निर्देश।
भोजपुर के जवइनियाँ में 80 प्रतिशत कटावरोधी कार्य पूरा।
मधेपुरा, भागलपुर और सारण के संवेदनशील इलाकों में बाढ़ सुरक्षा व्यवस्था मजबूत।
तटबंधों पर बालू भरे बोरे, जियोबैग और अन्य सामग्री का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने का निर्देश।
Flood Fighting Review: भागलपुर और मधेपुरा में 24 घंटे निगरानी
भागलपुर जिले के खरीक प्रखंड स्थित काजीकोरैया-राघोपुर क्षेत्र में गंगा नदी से हो रहे कटाव को नियंत्रित कर लिया गया है। कार्य को और मजबूत बनाने के लिए 110 मीटर क्षेत्र में बालू भरे बोरे, जियोबैग और अन्य बाढ़ सुरक्षा सामग्री का पर्याप्त भंडारण किया गया है।
मधेपुरा जिले के आलमनगर प्रखंड के गंगापुर पंचायत स्थित लुटनाटोला और हरजोरा नदी तट के पास कोसी नदी के बाएं तट पर हुए क्षरण को रोकने के लिए युद्धस्तर पर कार्य जारी है। विभाग ने यहां 10 हजार से अधिक बालू भरे बोरे, नायलॉन क्रेट, बीए वायर क्रेट और बांस उपलब्ध कराए हैं। पर्याप्त मशीनरी और मानवबल की मदद से 24 घंटे निगरानी रखते हुए कार्य किया जा रहा है।
Flood Fighting Review: संतनगर में फिलहाल कटाव का खतरा नहीं, सतर्क रहने के निर्देश
भागलपुर के संतनगर गांव की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि गांव की बसावट गंगा नदी से करीब 100 मीटर दूर है और फिलहाल कटाव की कोई गंभीर समस्या नहीं है। हालांकि जलस्तर में उतार-चढ़ाव के कारण कुछ स्थानों पर प्राकृतिक सतह का आंशिक क्षरण देखा गया है। सचिव ने अधिकारियों को लगातार निगरानी रखने और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल बाढ़ संघर्षात्मक कार्य शुरू करने के निर्देश दिए।
बैठक के अंत में डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने सभी अधिकारियों से कहा कि संवेदनशील स्थलों का नियमित निरीक्षण जारी रखें, संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करें और बाढ़ अवधि में लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें।
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