रांची : रांची सिविल कोर्ट के 140 साल के इतिहास में पहली बार गर्मी की छुट्टी घोषित की गई, जिससे शहर के 30 हजार से अधिक अधिवक्ताओं को बड़ी राहत मिली है। 24 मई से बंद पड़ा सिविल कोर्ट अब सोमवार, 9 जून से दोबारा खुलने जा रहा है। गर्मी छुट्टी के बाद अब सिविल कोर्ट दिवाकालीन समय में चलेगा, जो सुबह 10:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक निर्धारित किया गया है।
वर्तमान में रांची सिविल कोर्ट में लगभग पांच हजार अधिवक्ता पंजीकृत हैं। गर्मी छुट्टी को लेकर अधिवक्ताओं में खुशी का माहौल देखा गया। अधिवक्ता मृत्युंजय कुमार ने कहा कि इस 15 दिन की छुट्टी में अधिवक्ताओं को परिवार के साथ समय बिताने और रांची से बाहर घूमने का दुर्लभ अवसर मिला। पहले स्कूलों में तो छुट्टियां होती थीं लेकिन अधिवक्ता पेशेगत व्यस्तताओं के कारण परिवार के साथ नहीं जा पाते थे।
वहीं, अधिवक्ता सुधीर श्रीवास्तव ने कहा कि वे लंबे समय से सिविल कोर्ट को प्रातःकालीन करने के निर्णय का विरोध करते आए हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, भारत के प्रधान न्यायाधीश और यहां तक कि प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर अपनी आपत्ति जताई थी। उन्होंने बताया कि बिहार सहित अन्य राज्यों में सिविल कोर्ट प्रातःकालीन नहीं होते, इसी आधार पर उन्होंने अपनी बात रखी। कई वर्षों के पत्राचार के बाद झारखंड उच्च न्यायालय ने अधिवक्ताओं की इस मांग को गंभीरता से लेते हुए पहली बार वर्ष 2025 के लिए गर्मी छुट्टी का कैलेंडर जारी किया। इसके पहले सिर्फ झारखंड हाइकोर्ट में ही गर्मी की छुट्टी होती थी।
इधर झारखंड हाईकोर्ट भी सोमवार, 9 जून से खुलने जा रहा है। हाईकोर्ट में 12 मई से 6 जून तक ग्रीष्मावकाश था। इस अवधि में नौ दिन वेकेशन बेंच ने काम किया।







