SAHARSA: बिहार में जहरीली शराब से हुई हत्या को लेकर विपक्ष सदन से लेकर सड़क तक हमलावर है और इसी कड़ी में बिहार सरकार में बीजेपी के पूर्व मंत्री रहे आलोक रंजन ने शनिवार को सहरसा के शंकर चौक पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पुतला दहन किया.
पूर्व मंत्री ने की पीड़ितों को मुआवजा देने की मांग
पूर्व मंत्री डॉ आलोक रंजन ने आक्रोशित मार्च के बाद मुख्यमंत्री नीतीश सरकार से पीड़ितों को मुआवजा देने की मांग की है. उन्होंने कहा है कि शराब बंदी ठीक है, बीजेपी भी शराबबंदी पर सरकार के साथ है. लेकिन सत्ता के संपोषित द्वारा जो शराब का कारोबार हो रहा है और इसमें जो सैकड़ो लोगों की जान गई उनको मुआवजा दिया जाय.
जब BJP और JDU साथ आये थे तब अपराध पर लगा था अंकुश
वहीं इस आक्रोश मार्च के दौरान बीजेपी के पूर्व विधायक संजीव झा ने बताया कि वर्ष 2005 में जब नीतीश कुमार बीजेपी के साथ सरकार बना रहे थे तो बिहार में अपराध पर अंकुश लगा था. बिहार में विकास का नजारा देखने को मिलने लगा. लेकिन जब से नीतीश कुमार तेजस्वी यादव के साथ सरकार में आयी है, बिहार के युवाओं को इन्होंने बर्बाद कर दिया है.
जबकि महिला मोर्चा के बीजेपी नेत्री लाजवंती झा ने भी
बिहार सरकार पर जमकर निशाना साधा और कहा कि
अभी मुख्यालय स्तर से विरोध शुरू हुआ है अगर शराब से मौत
वालों को मुआवजा नहीं दी गई तो इसका उग्र रूप नीतीश कुमार
को देखना पड़ेगा. बीजेपी के एक-एक कार्यकर्ता सड़क से सदन तक विरोध करेगें और नीतीश सरकार को इस्तीफा देना पड़ेगा. नीतीश सरकार पुलिस प्रशासन के मिली भगत से बिहार में शराब बेचवाने का काम कर रही है.
पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान बीजेपी के पूर्व विधायक संजीव झा ,
जिलाध्यक्ष दिवाकर सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष माधव चौधरी,
उपाध्यक्ष शिवभूषण सिंह सहित बीजेपी के सैकड़ों कार्यकर्ता
ने शहर के विभिन्न मार्गों पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार,
उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव , पुलिस प्रशासन , शराब माफिया और सरकार के विरोध में जम कर नारेबाजी की.
रिपोर्ट: राजीव झा
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