रांची में पिछले 10 दिनों में पेट्रोल 7.43 और डीजल 7.88 रुपए महंगा हुआ है। इसका असर चावल, फ्रिज, पीवीसी पाइप और बस किराये समेत रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर दिखने लगा है।
Fuel Price Impact रांची: झारखंड की राजधानी रांची में लगातार बढ़ रहे पेट्रोल और डीजल के दामों का असर अब आम लोगों की जेब पर साफ दिखने लगा है। पिछले 10 दिनों में पेट्रोल 7.43 रुपए और डीजल 7.88 रुपए प्रति लीटर महंगा हो चुका है। इसका असर खेतों से मंडियों, फैक्ट्रियों से बाजार और गोदामों तक पूरी सप्लाई चेन पर पड़ रहा है।
ईंधन महंगा होने से ट्रांसपोर्टेशन लागत बढ़ी है, जिसके कारण खाद्य सामग्री, निर्माण सामग्री, इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद और यात्री किराये तक में तेजी देखने को मिल रही है।
Fuel Price Impact:चावल 52 से बढ़कर 60 रुपए किलो पहुंचा
बिहार से आने वाला कतरनी चावल पहले करीब 4,700 रुपए प्रति क्विंटल की दर से रांची पहुंचता था। लेकिन पिछले 10 दिनों में पेट्रोल-डीजल के दाम चार बार बढ़ने के बाद माल भाड़ा लगभग 6 प्रतिशत बढ़ गया है।
अब यही चावल करीब 5,000 रुपए प्रति क्विंटल की लागत से रांची पहुंच रहा है। होलसेलर अपना मार्जिन जोड़कर इसे 5,200 रुपए में रिटेलरों को बेच रहे हैं। स्थानीय ढुलाई महंगी होने से खुदरा दुकानदारों की लागत करीब 5,500 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गई है।
इसका सीधा असर ग्राहकों पर पड़ा है। जो चावल पहले 51-52 रुपए प्रति किलो बिक रहा था, वह अब करीब 60 रुपए प्रति किलो पहुंच गया है।
Key Highlights
10 दिनों में पेट्रोल 7.43 और डीजल 7.88 रुपए महंगा
चावल की कीमत 52 रुपए से बढ़कर 60 रुपए प्रति किलो पहुंची
फ्रिज और इलेक्ट्रॉनिक सामान 8-10 प्रतिशत तक महंगे
पीवीसी पाइप की कीमत में 10 प्रतिशत से ज्यादा वृद्धि
बस और कॉमर्शियल वाहनों का किराया बढ़ाने की तैयारी
Fuel Price Impact:फ्रिज और इलेक्ट्रॉनिक सामान भी हुए महंगे
ईंधन की कीमत बढ़ने से इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की ढुलाई लागत भी बढ़ गई है। चेन्नई से आने वाला 17 हजार रुपए का फ्रिज पहले लगभग 17,850 रुपए की लागत में रांची पहुंचता था। अब बढ़े ट्रांसपोर्ट खर्च के कारण इसकी कीमत हर स्तर पर बढ़ती चली गई।
होलसेलर और रिटेलर के अतिरिक्त खर्च और मुनाफा जुड़ने के बाद वही फ्रिज अब ग्राहकों को करीब 20 हजार रुपए में मिल रहा है। यानी कुल मिलाकर कीमत में लगभग 8 से 10 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है।
Fuel Price Impact:निर्माण सामग्री की कीमतों में भी उछाल
डीजल महंगा होने का असर निर्माण सामग्री पर भी पड़ा है। गुजरात से आने वाला पीवीसी पाइप पहले करीब 1,200 रुपए में थोक बाजार तक पहुंचता था, लेकिन अब इसकी लागत बढ़कर 1,320 रुपए हो गई है।
स्थानीय ढुलाई खर्च बढ़ने के बाद रिटेलर तक इसकी लागत करीब 1,370 रुपए पहुंच रही है। इसके बाद दुकानदार अपना मुनाफा जोड़कर इसे करीब 1,644 रुपए में बेच रहे हैं। यानी कुछ दिनों पहले 1,240 रुपए में मिलने वाला पाइप अब 10 प्रतिशत से अधिक महंगा हो गया है।
Fuel Price Impact:आने वाले दिनों में और बढ़ सकती हैं कीमतें
शहर के व्यापारी अर्जुन जालान के अनुसार, इंडस्ट्रियल डीजल पहले से ही उत्पादन लागत बढ़ा चुका था। अब पेट्रोल और डीजल महंगा होने से ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट हर स्तर पर बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में रोजमर्रा के सामान की कीमतों में और वृद्धि हो सकती है।
वहीं झारखंड बस ऑनर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष किशोर मंत्री ने बताया कि डीजल के साथ टायर, मोबिल, युरिया और बियरिंग जैसी चीजों की कीमतें भी बढ़ी हैं। ऐसे में जल्द ही बस किराये में 10 से 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का फैसला लिया जा सकता है।
इधर झारखंड टूर एंड ट्रैवल एसोसिएशन के अध्यक्ष अमरदीप सहाय ने कहा कि प्राइवेट वाहनों के किराये में भी करीब 10 प्रतिशत तक वृद्धि की संभावना है।
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