Garhwa : गरीबी, बीमारी और बेबसी ने एक मां को ऐसा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया, जिसे सुनकर हर कोई दंग रह जाए। पलामू जिले के लेस्लीगंज प्रखंड क्षेत्र के ओरिया पंचायत के लोटवा गांव की पिंकी देवी, पति रामचंद्र राम ने महज़ 20 दिन पहले जन्मे बच्चे को महज़ 2 सप्ताह बाद 50 हजार रुपये में चटकपुर निवासी करधणी पासवान के पास बेच दिया।
Garhwa : आधार कार्ड और राशन कार्ड तक नहीं बन पाया
पिंकी देवी के कुल 5 बच्चे थे तीन पुत्र और दो पुत्री इनमे से एक पुत्र को बेचने के बाद दो पुत्र और दो पुत्री बची है। परिवार की हालत इतनी बदतर है कि पिंकी देवी और उनके पति के पास न घर है, न जमीन। आधार कार्ड और राशन कार्ड तक नहीं बन पाया है, जिससे उन्हें सरकार की किसी योजना का लाभ नहीं मिल रहा।
कभी कमलकड़िया गांव में झोपड़ी डालकर रहते थे, लेकिन बारिश में बह जाने के बाद मजबूरन अब लोटवा दुर्गा मंडप के एक सरकारी शेड में शरण लिए हुए हैं। गांववालों का कहना है कि भूख और तंगहाली ने इस परिवार को टूटने पर मजबूर कर दिया। पिंकी देवी का पति रामचंद्र राम मूल रूप से उत्तरप्रदेश का निवासी है और शादी के बाद से पत्नी के मायके लोटवा में ही रह रहा है।
सरकार की नीतियों पर गहरे सवाल खड़े
इस मामले में करधणी पासवान से पूछताछ करने की कोशिश की गई, लेकिन कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है। ऐसा दर्दनाक वाकया कोई पहला नहीं है। बताया जाता है कि करीब 35 साल पहले इसी इलाके की लछोइया देवी ने भी अपनी मजबूरी में जुड़वा बच्चों को महज़ एक झोले सब्जी और 50 रुपये में कुंदरी बाजार में बेच दिया था। आज, दशकों बाद फिर एक मां की लाचारी ने समाज और सरकार की नीतियों पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं।
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