रामकृष्ण मठ और मिशन के नए अध्यक्ष चुने गए गौतमानंद महाराज

कोलकाता: रामकृष्ण मठ और मिशन का नया अध्यक्ष गौतमानंद महाराज को चुना गया है। बीते 27 मार्च मठ के 16वें अध्यक्ष स्वामी स्मरणानंद महाराज के चिरनिद्रा में लीन होने और गत 7 अप्रैल को भंडारा होने के माह भर के भीतर मठ ने अपने नए अध्यक्ष का निर्वाचन कर लिया है। यह जानकारी बुधवार अपराह्न बेलूड़ में मठ और मिशन के महासचिव स्वामी सुबीरानंद ने साझा की। बताया कि स्वामी गौतमानंद महाराज इससे पहले मठ व मिशन में सह अध्यक्ष पद पर थे और स्वामी स्मरणानंद के देहत्याग के बाद तत्काल अंतरिम अध्यक्ष का कार्यभार संभाल रहे थे। मठ और मिशन के पदाधिकारियों ने उन्हें मौजूद समय में अपनी बीच सबसे प्रवीण और दक्ष पाने के साथ उनके नाम पर मुहर लगाई।

रामकृष्ण मठ और मिशन से पीएम मोदी गहरे प्रभावित हैं और उनका यहां से गहरा लगाव रहा है।
रामकृष्ण मठ और मिशन के दिवगंत अध्यक्ष स्वामी स्मरणानंद संग पीएम मोदी की फाइल फोटो

स्वामी गौतमानंद 1951 में मठ से जुड़े, 1966 में संन्यास की दीक्षा ली

स्वामी गौतमानंद मिशन से वर्ष 1951 में जुड़े और स्वामी रंगनाथानंद से उन्होंने अध्यात्म संबंधी प्रशिक्षण प्राप्त किया। फिर वर्ष 1966 में उन्होंने मठ के 10वें अध्यक्ष स्वामी वीरेश्वरानंद से संन्यास की दीक्षा ली। उसके बाद वह लंबे समय तक अरूणाचल प्रदेश और मध्य प्रदेश में रहे। दोनों प्रदेशों में उन्होंने लंबे समय तक ग्रामीण आदिवासियों के बीच शिक्षा के प्रचार – प्रसार पर काम किया। उसके बाद उन्होंने सीबीएसई (सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजूकेशन) और नई दिल्ली स्थित नेशनल एजूकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग दो संस्थाओं में बतौर साधारण व कार्यकारी सदस्य के रूप में सेवाएं दीं। फिर 1990 में वह मठ व मिशन के परिषद के सदस्य चुने गए। उसके बाद वर्ष 1995 में वह चेन्नई मठ के प्रधान के रूप में कार्यभार संभाला।

पीएम स्वयं मठ के बेलूड़ परिसर में आ चुके हैं।
रामकृष्ण मिशन के बेलूड़ मठ परिसर में पीएम मोदी की फाइल फोटो
रामकृष्ण मठ और मिशन से गहरे प्रभावित हैं पीएम मोदी

रामकृष्ण मठ और मिशन से पीएम मोदी गहरे प्रभावित हैं और उनका यहां से गहरा लगाव रहा ह। इसका उल्लेख स्वयं प्रधानमंत्री अपने भाषणों में कर चुके हैं। पीएम स्वयं मठ के बेलूड़ परिसर में आ चुके हैं। मठ और मिशन के महासिचव स्वामी सुबीरानंद ने बताया कि अपना संघ लोकतांत्रिक है। इसके परिषद और संचालन समिति द्वारा ही नए अध्यक्ष का चुनाव किया जाता है। उनके फैसले को ही 2-30 सालों से मठ व मिशन का कार्यभार संभाल रहे संन्यासीजन ही अपनी सहमति व्यक्त करते हैं। नए अध्यक्ष के बारे में मठ व मिशन के महासचिव स्वामी सुबीरानंद ने कहा कि देश और विदेश में कई स्थानों पर भारतीय आध्यात्मिकता और वेदांत दर्शन के बारे में अपने संबोधनों से लोगों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ने वाले स्वामी गौतमानंद सरीखे प्रवीण संन्यासी के मठ व मिशन के अध्यक्ष बनने से भक्त और अनुगामी खासे खुश हैं। बता दें यह मठ और मिशन स्वामी रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद की शिक्षाओं पर आधारित है एवं कोलकाता के पश्चिम में हुगली नहीं के तट पर स्थित है। रामकृष्ण मठ 

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