सरकारी डॉक्टर नहीं कर ‘सकेंगे निजी प्रैक्टिस, गांवों में बेहतर सेवा देने वाले डॉक्टरों को मिलेगा प्रोत्साहन
22 Scope News Desk : राज्य के सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने वाले मरीजों के लिए राहत की खबर है। सरकार ने पहली बार यह साफ कर दिया है कि सरकारी अस्पतालों में कार्यरत डॉक्टरों की प्राइवेट प्रैक्टिस पर रोक लगेगी, यह फैसला सरकार के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम ‘सात निश्चय-3’ का हिस्सा होगा। सरकार का मानना है कि प्राइवेट प्रैक्टिस पर बैन से डॉक्टर अस्पताल में पूरा समय देंगे और यहां आनेवाले गरीब मरीजों को बेहतर इलाज मिल सकेगा।
सरकार का यह कदम स्वास्थ्य सेवाओं में और अधिक भरोसा लौटाने और सरकारी अस्पतालों की कार्यसंस्कृति सुधारने के लिए उठाया जा रहा है। सात निश्चय -3 में पांचवें निश्चय के रूप में सुलभ स्वास्थ्य सुरक्षित जीवन का संकल्प शामिल है। इसके मुख्य बिंदुओं में सरकार ने सुदूर गांवों में जाकर सेवा करने वाले चिकित्सकों के लिए बड़ी घोषणा की है।
प्रखंड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनेगा स्पेशलिटी हॉस्पिटल
सरकार के 2025-25 के कार्यक्रमों में कहा गया है कि प्रखंड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को स्पेशलिटी हॉस्पिटल के रूप में विकसित करेगी, यह माना जा रहा है कि इन अस्पतालों में स्थानीय स्तर पर कुछ विशेषज्ञों की तैनाती होगी और इलाज की बेहतर व्यवस्था कायम होगी, जिला अस्पताली की अति विशिष्ट चिकित्सा केंद्र (सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल) के रूप में विकसित करेगी, जिला अस्पतालों में खास प्रकार की बीमारियों के इलाज के लिए अब मेडिकल कॉलेजों पर निर्भरता कम होगी। सरकार ने कहा है कि दूर के गांवों में जाकर बेहतर इलाज सेवा करनेवाले डॉक्टरों को वेतन के अलावा अलग से प्रोत्साहन की व्यवस्था करेगी।
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