Hazaribagh : हजारीबाग शहर से करीब 7 किलोमीटर दूर कटकमसांडी प्रखंड क्षेत्र में छड़वा डैम स्थित है, जहां से शहर में लगभग 3500 घरों में पेयजल की आपूर्ति होती है। इस बार भीषण गर्मी में भी छड़वा डैम में पेयजल आपूर्ति के लिए लगभग 4 फीट पानी बचा हुआ है। यदि जून माह में पर्याप्त बारिश नहीं होती है तो शहर के एक बड़ी आबादी में पेयजल संकट गहराने की संभावना उत्पन्न हो सकता है।
15 फीट से नीचे पानी होने पर हो जाएगी दिक्कत
छडवा डैम पर पानी आपूर्ति के लिए पदस्थापित सुपरवाइजर के मुताबिक डैम से वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट (डब्ल्यूयुटीपी) में जहां से पानी आता है वहां फिलहाल 19 फीट से कुछ अधिक पानी है तथा डैम में 15 फीट तक पानी रहने पर ही ग्रेविटी से डब्ल्यूयुटीपी में पानी सप्लाई संभव होता है। 15 फीट से नीचे पानी होने पर शहर में जलापूर्ति कर पाना संभव नहीं हो पता है।
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प्रत्येक दिन लगभग 48 लाख गैलन पानी शहर में सप्लाई होती है जिससे डैम में प्रत्येक दिन एक से सवा इंच पानी खपत होती है। भीषण गर्मी से भी डैम का पानी कुछ सूखता है यदि गर्मी बरकरार रही और जून आखिरी सप्ताह तक बारिश नहीं हुई तो शहर में पानी की आपूर्ति बंद हो सकती है।
आबादी को देखते हुए 2007 में एक लाख गैलन क्षमता की तीन टंकी बनाई गई
शहर की आबादी बढ़ने और पानी की किल्लत को देखते हुए 2007 में एक-एक लाख गैलन क्षमता के तीन और पानी टंकी का निर्माण किया गया जो बिहारी गर्ल स्कूल के पास , खिरगांव स्थित व संत कोलंबस कॉलेज के समीप मौजूद है इन तीनों पानी टंकी में न्यू छडवा डब्ल्यूटीपी से जलापूर्ति होती है। छडवा डैम में पानी फिल्टर कर रात को शहर में निर्मित टंकी में भरा जाता है जहां से प्रत्येक दिन सुबह 6 से 7 घंटे तक कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं को जलापूर्ति की जाती है जो हजारीबाग नगर निगम में प्रत्येक माह 135 रुपए टैक्स जमा करते हैं।
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1954 में किया गया डैम का निर्माण, यही से होती है पूरे शहर में जलापूर्ति
डीवीसी द्वारा 1952 53 में इसका निर्माण कराया गया था । उस समय हजारीबाग शहर में काफी कम आबादी थी लोगों को डैम से पानी की सुविधा मुहैया कराने को लेकर 1954 में शहरी जलापूर्ति केंद्र का अधिष्ठापन किया गया शहर की आबादी वाले इलाकों में एक-एक लाख गैलन क्षमता के तीन पानी टंकी का निर्माण किया गया जो एक छठ तालाब के समीप दूसरा पुराना बस स्टैंड स्थित तथा तीसरा पीटीसी चौक के पास मौजूद है तथा जिसमें ओल्ड छडवा डब्ल्यूटीपी से जलापूर्ति होती है।







