Hazaribagh : शहर का गौरव और हृदय स्थल माने जाने वाला Hazaribagh झील परिसर इन दिनों बदहाली का शिकार है। जहां एक ओर यह क्षेत्र सुबह-शाम सैकड़ों लोगों के लिए सैर और शारीरिक व्यायाम का केंद्र है, वहीं दूसरी ओर सड़कों पर फैले कचड़े और उससे उठती दुर्गंध लोगों को नाक बंद कर गुजरने को मजबूर कर रही है।
झील के सौंदर्य पर पड़ा कचड़े का दाग
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम द्वारा बड़े क्षेत्र में कचड़ा जमा किया जा रहा है, जिससे पूरे परिसर में बदबू और गंदगी फैल रही है। इससे न केवल आम जनता परेशान है बल्कि झील की सुंदरता और इसकी ऐतिहासिक पहचान भी खतरे में पड़ गई है।
सहायक नगर आयुक्त ने दी सफाई, कहा कार्रवाई होगी
सहायक नगर आयुक्त अनिल पांडेय ने बताया कि त्रिमूर्ति चौक के पास फुटकर विक्रेता अवैध रूप से कचड़ा फेंक रहे हैं। कई दुकानदारों को पहले ही चेतावनी दी जा चुकी है और कुछ पर जुर्माना भी लगाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर नगर निगम के ट्रैक्टर या टिपर वाहन द्वारा भी झील परिसर में कचड़ा फेंका जा रहा है, तो संबंधित कर्मियों को हिदायत दी जाएगी और उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
Hazaribagh : स्थानीय लोगों की मांग: झील की सफाई और संरक्षण
स्थानीय लोगों ने नगर निगम से मांग की है कि झील परिसर की सफाई व्यवस्था को तत्काल सुधारा जाए और इस ऐतिहासिक और पर्यावरणीय दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण स्थल की गरिमा को बनाए रखा जाए। Hazaribagh की झील केवल पानी का स्रोत नहीं, बल्कि शहर की सांस्कृतिक पहचान और स्वच्छता की कसौटी है। यदि जल्द सफाई व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया गया, तो यह पर्यटन और स्थानीय स्वास्थ्य दोनों पर गंभीर असर डाल सकता है।
शशांक शेखर की खबर
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