Hazaribagh Violence : हजारीबाग जिला अंतर्गत ईचाक थाना क्षेत्र के डुमरौन गांव में हुए महाशिवरात्रि के दिन दो पक्षों के बीच हुई झड़प के बाद उपजे तनाव को सुलझाने के लिए आज पंचायत भवन डुमरौन में दोनों समुदायों की बैठक आयोजित की गई।

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बैठक के दौरान सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि डुमरौन गांव स्थित राजकीय प्राथमिक उर्दू विद्यालय के मुख्य द्वार पर बने मीनार और उसके समीप हिंदुस्तान चौक स्थित भगवा ध्वज के स्तंभ को कल तक हटा दिया जाएगा। यदि कोई इस निर्णय का विरोध करता है तो उस पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विद्यालय परिसर में किसी भी प्रकार का धार्मिक झंडा नहीं लगाया जाएगा
बैठक में यह भी तय किया गया कि विद्यालय परिसर में किसी भी प्रकार का धार्मिक झंडा नहीं लगाया जाएगा। वहीं सरकारी विद्यालय में पूर्व की भांति पठन-पाठन का कार्य जारी रहेगा। राष्ट्रीय ध्वज के लिए बने चबूतरे को यथावत रखा जाएगा, जबकि हटाए गए भगवा झंडा लोह स्तंभ को किसी अन्य स्थान पर पुनः स्थापित किया जाएगा।

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बैठक के दौरान प्रशिक्षु आईपीएस एवं थाना प्रभारी श्रुति ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह सौहार्दपूर्ण समझौता क्षेत्र में शांति बनाए रखने में सहायक होगा। उन्होंने दोनों समुदायों के प्रतिनिधियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि जब लोग मिलकर अपने स्तर पर विवाद सुलझाते हैं, तो इससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता।
Hazaribagh Violence : लाउडस्पीकर लगाने को लेकर हुई थी झड़प
बता दे कि राजकीय प्राथमिक उर्दू विद्यालय के मुख्य द्वार में बने मीनार को लेकर डुमरौन गांव में पिछले 1 वर्षों से तनाव की स्थिति देखने को मिल रही थी। बीते दिन शिवरात्रि पूजा को लेकर एक समुदाय के लोगों ने जब हिंदुस्तान चौक स्थित लाउडस्पीकर लगाना चाहा उसके बाद माहौल बिगड़ने लगा और पथराव के साथ-साथ आगजनी जैसी घटना सामने आई । जिसमें कई लोग घायल भी हुए थे।

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बता दे की इस सांप्रदायिक विवाद के मामले में पुलिस के द्वारा 45 लोगों पर नामजद एवं 200 लोगों पर अज्ञात प्राथमिक की भी दर्ज की गई थी। प्रशासन के द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों समुदाय के तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा है। समुदाय के द्वारा लिए गए यह निर्णय से डुमरौन गांव में अमन चैन और शांति जरूर देखने को मिलेगा।
शशांक शेखर की रिपोर्ट–
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