मोतिहारी : बिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर बिहार सरकार ‘ऑल इज वेल’ होने का भले ही लाख दावे करती है लेकिन उनके दावे की पोल अब उनके विधायक ही खोल रहे हैं। मामला मधुबन का है। मधुबन के रेफरल अस्पताल में न तो चिकित्सा पदाधिकारी है न ही हॉस्पिटल मैनेजर अस्पताल आ रहे हैं। जिसको लेकर स्थानीय लोगों की शिकायत पर पूर्व मंत्री एवं बीजेपी विधायक राणा रणधीर सिंह खुद रेफरल अस्पताल पहुंचे जहां लोगों ने अपना दुखड़ा सुनाया।

विधायक राणा रणधीर ने अस्पताल में ही बैठकर चिकित्सा पदाधिकारी इंद्रजीत प्रसाद को फोन लगाया और जमकर लगायी फटकार
वहीं विधायक राणा रणधीर सिंह ने अस्पताल में ही बैठकर चिकित्सा पदाधिकारी इंद्रजीत प्रसाद को फोन लगाया और जमकर फटकार लगाई। विधायक राणा रणधीर सिंह भी आश्चर्यचकित रहे कि उनके घर से महज चंद कदमो की दूरी पर बने रेफरल अस्पताल का यह हाल है। उन्होंने कहा कि मधुबन का रेफरल अस्पताल पहला अस्पताल है जहां चिक्तिशक मोबाइल से घर से ही मरीजों का इलाज करता है। प्रभारी चिकित्सक मोबाइल से ही इलाज कर रहे हैं और घर से ही वेतन का उठाव कर रहे हैं।
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न तो चिकित्सक अस्पताल पहुंचते हैं नहीं स्वास्थ्य कर्मी कोई इलाज करना चाहता है
आपको बता दें कि बड़ा ही आश्चर्य करने वाला बात है कि बिहार की सरकार लाखों करोड़ों रुपए खर्च कर गरीब लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए खर्च करती है। लेकिन स्वास्थ्य व्यवस्था का यह आलम है कि न तो चिकित्सक अस्पताल पहुंचते हैं नहीं स्वास्थ्य कर्मी कोई इलाज करना चाहता है। वैसे स्थिति में जिस तरह से स्थानीय विधायक ने मोर्चा खोला है। डॉक्टर और पदाधिकारी को जमकर क्लास लगाया है। वैसे स्थिति में आप समझ सकते हैं कि बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था भगवान भरोसे चल रही है।
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सोहराब आलम की रिपोर्ट
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