Hearing Update: होटवार जेल गर्भवती बंदी मामले में हाईकोर्ट सख्त, सरकार से मांगी मेडिकल रिपोर्ट

होटवार जेल में महिला बंदी के गर्भवती होने के मामले पर झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के जवाब पर नाराजगी जताई। मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट और जांच रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया।


Hearing Update रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार, होटवार में एक महिला बंदी के गर्भवती होने के मामले में स्वतः संज्ञान से दर्ज जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के जवाब पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। मुख्य न्यायाधीश एम.एस. सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

Hearing Update:डीजीपी और कारा महानिरीक्षक के जवाब से अदालत असंतुष्ट

सुनवाई के दौरान अदालत ने डीजीपी और कारा महानिरीक्षक द्वारा दायर शपथ पत्र पर असंतोष जताया। खंडपीठ ने कहा कि प्रस्तुत जवाब मामले के समाधान की दिशा में नहीं बल्कि उसे टालने का प्रयास प्रतीत होता है।

राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस पर अदालत ने सवाल उठाते हुए पूछा कि अब तक मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट क्यों प्रस्तुत नहीं की गई है।

मौखिक टिप्पणी में अदालत ने कहा कि डीजीपी इस मामले को केवल कारा महानिरीक्षक का विषय बताकर अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकते। अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि मामला न्यायालय के संज्ञान में आने के बाद महिला बंदी को तत्काल जमानत प्रदान कर दी गई थी।


Key Highlights

  • होटवार जेल में महिला बंदी के गर्भवती होने के मामले पर हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी।

  • डीजीपी और कारा महानिरीक्षक के शपथ पत्र पर अदालत ने जताया असंतोष।

  • मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट जल्द प्रस्तुत करने का निर्देश।

  • न्यायिक दंडाधिकारी की जांच रिपोर्ट भी कोर्ट में दाखिल करने को कहा गया।

  • मामले की अगली सुनवाई 17 जून को होगी।


Hearing Update: मेडिकल बोर्ड और न्यायिक जांच रिपोर्ट पेश करने का निर्देश

खंडपीठ ने राज्य सरकार को पीड़ित महिला की मेडिकल बोर्ड रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही रांची के न्यायिक दंडाधिकारी द्वारा की गई जांच रिपोर्ट भी कोर्ट में दाखिल करने को कहा गया है।

अदालत ने स्पष्ट किया कि मामले की निष्पक्ष जांच और तथ्यों की पुष्टि के लिए दोनों रिपोर्टों का प्रस्तुत किया जाना आवश्यक है। मामले की अगली सुनवाई 17 जून को निर्धारित की गई है।

Hearing Update: पत्र और मीडिया रिपोर्ट के आधार पर लिया गया था स्वतः संज्ञान

इस मामले की पिछली सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने बताया था कि जांच के लिए गृह विभाग ने तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डालसा) रांची की रिपोर्ट के आधार पर न्यायिक दंडाधिकारी श्रुति सोरेन भी मामले की जांच कर रही हैं।

गौरतलब है कि प्रतिपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी द्वारा भेजे गए पत्र और विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों को गंभीरता से लेते हुए झारखंड हाईकोर्ट ने इस मामले को जनहित याचिका में परिवर्तित कर स्वतः संज्ञान लिया था।

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