Hul Diwas 2026: रांची में हूल दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बहादुर शहीदों सिदो और कान्हू को श्रद्धांजलि दी और उनके बलिदान को नमन किया। सिदो-कान्हू पार्क में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने उनकी मूर्तियों पर माल्यार्पण किया और उनके संघर्ष को देश के स्वतंत्रता आंदोलन की एक अहम विरासत बताया।
सिदो-कान्हू पार्क में श्रद्धांजलि समारोह
हूल दिवस के मौके पर रांची के सिदो-कान्हू पार्क में एक श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बहादुर शहीदों सिदो और कान्हू की मूर्तियों पर फूल चढ़ाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर बड़ी संख्या में जन-प्रतिनिधि, पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे।
कांग्रेस और JMM नेताओं की मौजूदगी
इस कार्यक्रम में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और कांग्रेस पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया, जिनमें कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश भी शामिल थे। सभी ने बहादुर शहीदों के योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।

मुख्यमंत्री: सिदो-कान्हू का आंदोलन प्रेरणा देता है
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सिदो और कान्हू के नेतृत्व वाला आंदोलन सामाजिक सद्भाव, साहस और बलिदान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इन महान स्वतंत्रता सेनानियों का संघर्ष सिर्फ़ झारखंड तक ही सीमित नहीं था, बल्कि इसने देश के स्वतंत्रता आंदोलन को एक नई दिशा देने में भी अहम भूमिका निभाई।
बहादुर शहीदों के आदर्शों को बनाए रखने का आह्वान
मुख्यमंत्री ने कहा कि हूल दिवस हमें अपने इतिहास, संस्कृति और शहीदों के बलिदान को याद करने का मौका देता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे सिदो और कान्हू के आदर्शों से प्रेरणा लें और समाज व राज्य के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएं।
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