14वें JPSC फर्जीवाड़ा मामले में पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते पर छापेमारी के बाद डेटा कॉपी करने का आरोप है। CID ने कंप्यूटर और पेन ड्राइव जब्त किए हैं।
JPSC Scam रांची: 14वें जेपीएससी फर्जीवाड़ा मामले की जांच कर रही सीआइडी ने पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते के खिलाफ कार्रवाई को लेकर कई अहम जानकारियां जुटायी हैं। सूत्रों के अनुसार, जेपीएससी कार्यालय में सीआइडी की छापेमारी के बाद एल खियांग्ते आयोग कार्यालय पहुंचे थे और कुछ डेटा पेन ड्राइव में कॉपी करने का प्रयास किया था। इसकी जानकारी मिलने के बाद सीआइडी ने उनके आवासीय परिसर में छापेमारी की।
छापेमारी के दौरान उनके परिसर से कंप्यूटर, पेन ड्राइव और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किये गये। सूत्रों के अनुसार, जांच में सामने आये इस तथ्य को सीआइडी ने रिकॉर्ड भी किया है। इसी मामले में खियांग्ते से पूछताछ की गयी, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
JPSC Scam: 25 अगस्त को होगी एल खियांग्ते की जमानत याचिका पर सुनवाई
14वें जेपीएससी फर्जीवाड़ा मामले में गिरफ्तार पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते ने जमानत के लिए अदालत का रुख किया है। उनकी जमानत याचिका सीआइडी की विशेष अदालत में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध थी, लेकिन अदालत के नहीं बैठने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। अब याचिका पर 25 अगस्त को सुनवाई होगी।
सीआइडी ने 10 अगस्त को एल खियांग्ते को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। गिरफ्तारी से पहले जांच एजेंसी ने उन्हें तीन अलग-अलग तारीखों पर समन जारी कर लंबी पूछताछ की थी।
इस मामले में सीआइडी ने 21 जुलाई को पहली बड़ी कार्रवाई करते हुए जेपीएससी कार्यालय में छापेमारी की थी। उस दौरान जांच टीम ने कई अहम दस्तावेज बरामद किये थे। इसके बाद से जांच एजेंसी की कार्रवाई लगातार जारी है। अब तक मामले में 20 से अधिक आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
Key Highlights
पूर्व JPSC अध्यक्ष एल खियांग्ते पर डेटा पेन ड्राइव में कॉपी करने के प्रयास का आरोप।
CID ने उनके आवास से कंप्यूटर, पेन ड्राइव और कई दस्तावेज जब्त किये।
खियांग्ते की जमानत याचिका पर अब 25 अगस्त को सुनवाई होगी।
गिरफ्तार कर्मी धर्मेंद्र पर जांच प्रभावित करने और भाई को गलत तरीके से सफल कराने का आरोप।
JPSC की पूर्व सदस्य डॉ अनिमा हांसदा से शुक्रवार को CID पूछताछ करेगी।
JPSC Scam: धर्मेंद्र ने संपर्कों के जरिये जांच प्रभावित करने की कोशिश की
मुख्य सचिव कार्यालय के गिरफ्तार कर्मी धर्मेंद्र पर भी जांच प्रभावित करने का प्रयास करने का आरोप है। जांच के अनुसार उसने अपने संपर्कों का इस्तेमाल कर कुछ अधिकारियों को फोन करवाये। अब सीआइडी उन लोगों से धर्मेंद्र के संबंधों की जांच कर रही है।
जांच में यह आरोप भी सामने आया है कि धर्मेंद्र ने कथित तौर पर गलत तरीके से अपने भाई को जेपीएससी की परीक्षा में सफल कराया था। सीआइडी इस पूरे मामले में उसके संपर्कों और भूमिका की जांच कर रही है।
इधर, बिंसिस कंपनी से जुड़े और मुंबई से गिरफ्तार अरुण कुमार से सीआइडी और रांची पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है। अरुण पर जेएसएससी की परीक्षाओं में गड़बड़ी का आरोप है। इस संबंध में नामकुम थाना में प्राथमिकी दर्ज है।
अभय तिवारी के कथित सिंडिकेट से अरुण के संपर्क की जानकारी सामने आने के बाद सीआइडी जेपीएससी मामले में भी उससे पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि अरुण ने जेपीएससी में काम कैसे हासिल किया, वहां उसकी क्या भूमिका थी और आयोग के किन लोगों से उसके संपर्क थे। धर्मेंद्र के साथ उसके संबंधों की भी जांच की जा रही है।
JPSC Scam: पूर्व सदस्य अनिमा हांसदा से आज पूछताछ
सीआइडी ने जेपीएससी की पूर्व सदस्य डॉ अनिमा हांसदा को भी पूछताछ के लिए बुलाया है। वह शुक्रवार को सीआइडी कार्यालय पहुंचकर अपना बयान दर्ज करायेंगी।
आयोग के दो अन्य पूर्व सदस्य पहले ही सीआइडी के समक्ष अपना बयान दर्ज करा चुके हैं। जांच के बीच जेपीएससी के अध्यक्ष समेत आयोग के तीनों सदस्यों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है।
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