प्रयागराज : महाकुंभ में भगदड़ हादसे में मरने वाले 30 में से 25 की हुई शिनाख्त, हेल्पलाइन नंबर जारी। महाकुंभ 2025 में मौनी अमावस्या पर स्रान के उमड़े श्रद्धालुओं के सैलाब के दौरान मची भगदड़ से हुए हादसे में जान गंवाने वाले 30 लोगों में से 25 की शिनाख्त कर ली गई है।
हादसे में जान गंवाने वालों में कर्नाटक के चार, गुजरात के एक, असम के एक श्रद्धालु की मौत हुई है। शेष की पहचान की जानी बाकी है। 60 लोग घायल हैं। कुछ घायलों को परिवार वाले लेकर चले गए। इसके अलावा 36 घायलों का इलाज स्थानीय मेडिकल कॉलेज में चल रहा है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मेला प्रशासन द्वारा एक हेल्पलाइन नंबर 1920 जारी किया गया है, जिससे कोई व्यक्ति अगर गायब है तो उसके संबंध में जानकारी की जा सकती है। प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि इस समय स्थिति सामान्य है।
महाकुंभ में भगदड़ हादसे में जान गंवाने वालों का ब्योरा…
मौनी अमास्या पर महाकुंभ में मची भगदड़ के दौरान बलिया की मां-बेटी समेत चार लोगों की मौत हो गई। वहीं, मऊ और गोंडा के भी एक-एक श्रद्धालु ने जान गंवा दी। खबर मिलते ही परिवारों में कोहराम मच गया। बलिया के नगरा थाना के चचया गांव की रिंकी सिंह (35) और उनकी पड़ोसी मीरा देवी (50) साथ में ही महाकुंभ में स्नान करने गई थीं। भगदड़ के दौरान दोनों की मौत होने की खबर सुबह करीब तीन बजे परिवारीजनों को मिली।
वहीं, फेफना थाना के नसीराबाद गांव निवासी रीना देवी (36) और उसकी बेटी रोशनी पटेल (8) की भगदड़ में मौत होने की पुष्टि रीना के पति दिनेश पटेल ने की है। मऊ के कोपागंज क्षेत्र के फतेहपुर ताल निवासिनी प्रभावती राजभर की मौत हुई है। प्रभावती मंगलवार को निजी वाहन से गांव के कुछ लोगों के साथ प्रयागराज गई थी। स्नान करने से पहले ही भगदड़ की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई।

गोंडा के रहने वाले 47 वर्षीय ननकन ने भी दम तोड़ दिया। गोरखपुर के नगर पंचायत उनवल के वार्ड नंबर चार की नगीना देवी(61) और पन्ने निषाद (58) पहुंचे थे। दोनों स्नान के लिए घाट की तरफ जा ही रहे थे कि अचानक मची भगदड़ में वह दब गए और इस दौरान उनकी मौत हो गई।
मेला प्रशासन की ओर जारी मृतकों की सूची में मनित्रा देवी(50) पत्नी फूलचंद्र विश्वकर्मा निवासी सरायममरेज प्रयागराज, बासुंती पोद्दार (61) पत्नी रविंद्रनाथ पोद्दार निवासी टॉलीगंज (कोलकाता), राजरानी देवी(60) पत्नी जगरूप यादव निवासी सोसुना, थाना गोह, जनपद औरंगाबाद (बिहार), गुलाबी देवी(73) पत्नी बिहारी यादव निवासी रामविशनपुर, देहपुरी, सुपौल (बिहार), शिवराज गुप्ता(64) निवासी झारखंड, रामअवध शर्मा(65) निवासी अज्ञात, गुलइचा देवी(60) निवासी अज्ञात आदि शामिल हैं।

महाकुंभ में मौनी अमावस्या पर हुई भगदड़ में गुम अपनों की तलाश जारी…
बलिया निवासी पूनम सिंह अस्पताल के बाहर फोन पर बात करते हुए फूट-फूटकर रो रही थीं। बिलखते हुए उन्होंने बताया कि वह अपनी देवरानी मीरा समेत परिवार के अन्य लोगों के साथ संगम में स्नान के लिए आईं थीं। घाट पर हुए हादसे में उनकी देवरानी मीरा गंभीर रूप से घायल हो गईं। एंबुलेंस से उन्हें अस्पताल लाया गया है, लेकिन अभी तक उनके बारे में कुछ पता नहीं चल पा रहा है।
दिल्ली के सालीमार्ग निवासी राम सनेही बताते हैं कि वह अपनी पत्नी अमरावती देवी-55 के साथ संगम स्नान करने के लिए आए थे। रात में हुए हादसे के दौरान उनकी पत्नी का हाथ उनसे छूट गया और वह भीड़ में लापता हो गई। अस्पताल में डॉक्टरों से पूछ रहा हूं, लेकिन कोई बताने को तैयार नहीं है।

बिहार के बेगूसराय निवासी अमन बताते हैं कि वह छह लोगों के साथ मौनी अमावस्या पर संगम नहाने के लिए आए थे। इस दौरान हुए हादसे के बाद उनके चाचा अमरजीत कुमार सिंह लापता हो गए हैं। अस्पताल में भी पता किया, लेकिन कुछ पता नहीं चला।
जौनपुर के कठारे बिठुआ निवासी अंकित कुमार यादव ने बताया कि वह दादी कलावती देवी-60 और पड़ोसी श्यामा देवी-55 समेत छह महिलाओं के साथ संगम स्नान करने के लिए आए थे। मंगलवार देर रात घाट पर बैरिकेडिंग टूटने के बाद मची अफरातफरी के बाद दोनों लोग लापता हैं। केंद्र अस्पताल से लेकर खोया पाया केंद्र तक खोजबीन किया, लेकिन दोनों का कहीं कुछ पता नहीं चला।

भगदड़ हादसे बाद महाकुंभ पहुंचे 82.90 लाख श्रद्धालु…
एक दिन पहले हुए मौनी अमावस्या पर संगम स्नान के दौरान हुए भगदड़ हादसे के बाद व्यवस्था के पटरी पर लौटते ही मेला क्षेत्र में नए श्रद्धालुओं एवं तीर्थयात्रियों के हुजूम का पहुंचना जारी है। देश के विभिन्न प्रांतों एवं विदेशों से आए श्रद्धालु वाराणसी, जौनपुर, जंघई, चंदौली, रीवां आदि में वाहनों के साथ बीते बुधवार को रोक दिए गए थे।
बीते आधी रात के बाद उनके संगम तट से काफी दूर तक वाहन पार्क कर मेला क्षेत्र के लिए पैदल जाने की अनुमति दी गई। उसके बाद तो फिर से भारी संख्या में श्रद्धालुओं का संगम के लिए मेला क्षेत्र में पहुंचने का क्रम नए सिरे से शुरू हुआ।
मेला प्रबंधन और यूपी सरकार ने गुरूवार को बताया कि संगम तट पर रेती पर 10 लाख कल्पवासी पूर्ववत बने हुए हैं लेकिन नए श्रद्धालुओं एवं तीर्थयात्रियों के पहुंचने एवं स्नान कर लौटने का क्रम अनवरत जारी है। गुरूवार को मेला क्षेत्र में संगम स्नान के लिए कुल नए 82.90 लाख श्रद्धालु एवं तीर्थयात्री पहुंचे।


















