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Thursday, February 22, 2024

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गुमला में रात के अंधेरे में अवैध बालू का गोरख धंधा-बालू माफिया के साथ अफसर और नेता की गठजोड़

गुमलाः जिले के सिसई प्रखंड से होकर गुजरने वाली नेशनल हाईवे सड़क से प्रतिदिन सैकड़ों ट्रक बालू की चोरी कर रांची जैसे बड़े शहरों में ले जाकर ऊंचे दामों में बेचा जा रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यह सारे कार्य देर रात अंधेरे में होता है जब प्रशासन कंबल के अंदर सोया रहता है।

लगातार बालू की चोरी होने से जहां सरकार को करोड़ों रुपए सरकारी राजस्व का नुकसान हो रहा है। वहीं नदियों से बेलगाम उत्खनन होने के कारण नदियों का अस्तित्व भी खतरे में पड़ चुका है। यही नहीं भारी वाहनों के चलने से ग्रामीण सड़कों की स्थिति ऐसी हो गई है जहां दोपहिया वाहन और पैदल चलने वालों को चलना मुश्किल हो जा रहा है।

प्रतिदिन लगभग 300 हाईवा अवैध बालू की होती है तस्करी

सरकारी आकड़े के अनुसार जिले के सभी बालू घाटों में बालू भरा पड़ा है परन्तु हकीकत इसके विपरीत है। जिले से अभी भी प्रतिदिन लगभग 300 हाईवा अवैध बालू तस्करी कर रांची के बाजारों में खुले आम बेचा जा रहा है। सिसई से रांची एन एच 23 में रात होते ही बालू लोड हाईवा की कतार देखी जा सकती है।

आश्चर्य की बात यह है कि बालू के इस गोरखधंधे की खबर खनन विभाग, जिला प्रशासन, प्रखण्ड प्रशासन, पुलिस से लेकर स्थानीय विधायक, सांसद तक सबों को है परंतु सभी इस मामले पर मौन धारण किए हुए है और बालू तस्करी का धंधा बेखौफ जारी है।

नदियों से बालू निकाल भेजा जाता है रांची समेत बड़े शहर

सिसई प्रखंड के विभिन्न नदियों में बालू घाटों से दिनभर सैकड़ों ट्रैक्टर की सहायता से नदी से बालू निकाला जाता है और शाम ढलते ही जेसीबी एवं लोडर की सहायता से बालू दस चक्का-बारह चक्का हाईवा में लोड कर रांची भेज दिया जाता है।

अवैध बालू लदा हाईवा रांची जाने के क्रम में सिसई, बसिया, भरनो, बेड़ो, नगड़ी आदि थाना क्षेत्र पार करती है पर किसी भी स्थान पर, आम आदमी को कानून का पाठ पढ़ने वाली प्रशासन इन अवैध बालू लदे हाईवा को हाथ तक नहीं लगाती है।

बालू माफिया के साथ अफसर और नेता की मिलीभगत

बालू के इस खेल में बालू माफिया,अफसर, नेता का एक सिंडिकेट बन गया है जो हर माह करोड़ों रुपये के वारे-न्यारे कर रहे हैं। पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहे हैं और सरकारी खजाने को भी आंख बन्द कर लूटने का काम कर रहे हैं। इस वर्ष अब तक एक घाट की भी नीलामी नहीं हो सकीं है।

बावजूद इसके प्रतिदिन सैकड़ों ट्रक अवैध बालू की निकासी यह साबित करने को पर्याप्त है कि गुमला जिले में एक और खनन घोटाला जारी है। जिसकी उच्च स्तरीय जांच होने पर पूरा सिंडिकेट बेनक़ाब हो जाएगा।

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