पटना/मोतिहारी/कैमूर/औरंगाबाद : बिहार में मौसम ने अचानक खतरनाक करवट ले ली। राजधानी पटना समेत कई जिलों में तेज आंधी, धूलभरी हवाओं और बवंडर जैसे हालात ने लोगों को दहशत में डाल दिया। सुबह के समय ही आसमान में काले बादल छा गए और कई इलाकों में दिन में रात जैसा नजारा देखने को मिला पटना में तेज हवाओं के कारण कई जगह पेड़ और होर्डिंग हिलते नजर आए।
हवा इतनी तेज थी कि ऊंची इमारतों तक में कंपन महसूस हुआ – लोग
लोगों ने बताया कि हवा इतनी तेज थी कि ऊंची इमारतों तक में कंपन महसूस हुआ। सड़कों पर धूल का गुबार छा गया, जिससे विजिबिलिटी काफी कम हो गई और वाहनों की रफ्तार थम गई। मौसम के अचानक बदले मिजाज से आम जनजीवन प्रभावित हुआ। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित होने की भी खबर है। लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आए। मौसम विभाग ने पहले ही तेज आंधी और बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया था। विशेषज्ञों के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ और गर्म हवाओं के टकराव की वजह से बिहार में यह मौसमीय बदलाव देखने को मिला। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान घरों में रहने और सावधानी बरतने की अपील की है।


मनेर में आंधी-पानी का कहर, दुकान पर गिरा इमली का पेड़, कई लोग बाल-बाल बचे
पटना के मनेर में तेज आंधी और बारिश ने भारी तबाही मचाई। मनेर-मोहनपुर मार्ग पर अचानक एक विशाल इमली का पेड़ सड़क किनारे स्थित दुकान पर गिर पड़ा। हादसे के वक्त दुकान पर कई लोग मौजूद थे, लेकिन गनीमत रही कि सभी लोग बाल-बाल बच गए। पेड़ गिरते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। विशाल पेड़ सड़क पर गिरने से मनेर-मोहनपुर मुख्य मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया, जिससे दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल प्रशासन और बिजली विभाग को सूचना दी।

घटना के दौरान पेड़ बिजली के तारों पर भी गिर गया
घटना के दौरान पेड़ बिजली के तारों पर भी गिर गया, जिससे इलाके की बिजली सेवा पूरी तरह बाधित हो गई। बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर लाइन बहाल करने में जुट गई है। वहीं स्थानीय लोग और प्रशासन पेड़ हटाने का कार्य कर रहे हैं ताकि यातायात सामान्य हो सके। स्थानीय लोगों ने बताया कि तेज आंधी और बारिश के कारण कई जगहों पर पेड़ और बिजली के पोल क्षतिग्रस्त हुए हैं।


ठनका गिरने से 2 मासूम बच्चियों की मौत, गांव में पसरा मातम, गई थीं बकरी चराने
फुलवारी प्रखंड के सकरैचा गांव में शुक्रवार सुबह ऐक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। बकरी चराने गई दो मासूम बच्चियों की ठनका गिरने से मौके पर ही मौत हो गई। घटना की खबर मिलते ही गांव में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक बच्चियों की पहचान शिमरन कुमारी (12 वर्ष), पिता गोपाली पासवान व स्वीटी कुमारी (10 वर्ष), पिता रिपु पासवान के रूप में हुई है। दोनों बच्चियां सुबह गांव के समीप बकरी चराने गई थीं। इसी दौरान मौसम अचानक खराब हो गया और तेज गर्जना के साथ ठनका गिरा, जिसकी चपेट में आने से दोनों बच्चियों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए
घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। मासूम बच्चियों की मौत से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की जानकारी मिलते ही भाकपा माले के प्रखंड सचिव गुरुदेव रविदास मौके पर पहुंचे और गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह बेहद हृदयविदारक घटना है और दो मासूम बच्चियों की असमय मौत से पूरा क्षेत्र स्तब्ध है। उन्होंने जिला प्रशासन से मृतक परिवारों को आपदा राहत योजना के तहत उचित मुआवजा देने तथा हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की मांग की।

तेज बारिश के कारण घंटों रूकी रही पटना साहिब स्टेशन पर वंदे भारत ट्रेन
तेज आंधी व भारी बारिश के कारण पटना सिटी क्षेत्र के पटना साहिब स्टेशन पर वंदे भारत ट्रेन घंटों से रुकी रही। जिसके वजह से यात्री काफी परेशान नजर आ रहे हैं। कई लोगों को तो दुबई जाना है। किसी को कहां जाना है। आंधी पानी आने की वजह से बिजली में कुछ फाल्ट आ जाने से वेदे भारत एक्सप्रेस पटना साहिब स्टेशन पर घंटों रूकी रही।

पटना के DRM ऑफिस को तत्काल यहां इस तरह का व्यवस्था करनी चाहिए कि कोई भी यात्री न फंसे – ट्रेन में सफर करने वाले लोग
वहीं स्थानीय और ट्रेन में सफर करने वालों का कहना है कि पटना के डीआरएम ऑफिस को तत्काल यहां इस तरह का व्यवस्था करनी चाहिए कि यात्रियों को किसी तरह की परेशानी ना हो। वहीं आपदा के समय में अगर कोई टेक्निकल फॉल्ट आता है तो पटना साहिब एक महत्वपूर्ण स्टेशन है जहां इस तरह का व्यवस्था होनी चाहिए कि तुरंत तत्कालीन व्यवस्था चुस्त दुरुस्त कर ट्रेन को रवाना किया जा सके। लेकिन यहां बांस के सहारे जो बिजली के कनेक्शन में कचरा फंसे हैं उन्हें निकालने की कोशिश की जा रही है। कबतक इस तरह के व्यवस्था पर ट्रेन चलेगा। लोगों का कहना है कि पटना के डीआरएम ऑफिस को इस बात का तैयारी करके रखनी चाहिए और यात्रियों को जो भारी कठिनाई का सामना करना पड़ता है वह ना हो यह देखना चाहिए।

भभुआ सदर अस्पताल में बारिश ने खोली व्यवस्था की पोल
भभुआ सदर अस्पताल में बारिश की हल्की फुहार ने ही व्यवस्था की पोल खोल दी है। अस्पताल परिसर में जलजमाव से मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सदर अस्पताल के मुख्य गेट से लेकर इमरजेंसी वार्ड तक पानी जमा हो गया है। पर्ची काउंटर के सामने हालात सबसे खराब हैं, जहां मरीज पानी में खड़े होकर पर्ची कटाने को मजबूर हैं। बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चों के साथ आए परिजनों को काफी दिक्कत हो रही है।


अस्पताल में जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं है – स्थानीय लोग
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं है। उनका कहना है कि हर साल बारिश में यही स्थिति बनती है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं किया जाता। वहीं नगर परिषद की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। थोड़ी सी बारिश में ही अस्पताल तालाब बन जाता है। मरीजों को काफी परेशानी होती है। लोगों ने जिला प्रशासन और नगर परिषद से जल्द जलजमाव की समस्या दूर कराने की मांग की है, ताकि अस्पताल आने वाले मरीजों को राहत मिल सके।

मोतिहारी में भी एकाएक मौसम का मिजाज बदला
बिहार के मोतिहारी में भी एकाएक मौसम का मिजाज बदल गया। पहले तेज आंधी के साथ दिन में ही रात जैसा नजारा हो गया और फिर गरज के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। इस बारिश से आम और लीची जैसे फलों को काफी फायदा मिलने का अनुमान है।

शौच करने गए किसान के ऊपर हुआ वज्रपात, हुई दर्दनाक मौत
औरंगाबाद जिले के दाउदनगर थाना क्षेत्र के केसरारी गांव में आकाशीय बिजली की कहर ने एक किसान की जान ले ली। मृतक किसान की पहचान उक्त गांव निवासी 61 वर्षीय केदार सिंह यादव के रूप में की गई है। पूर्वाह्न साढ़े 11 बजे सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम कराने आए मृतक के बड़े पुत्र सुबोध कुमार ने बताया कि पिताजी सुबह गांव स्थित एक खेत में शौच के लिए गए हुए थे और इसी दौरान वे वज्रपात की चपेट में आ गए।

घटना की जानकारी मिलते ही उन्हें लेकर सभी अनुमंडल अस्पताल दाउदनगर पहुंचे
घटना की जानकारी मिलते ही उन्हें लेकर सभी अनुमंडल अस्पताल दाउदनगर पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक अपने पीछे दो पुत्र और तीन पुत्री छोड़ गए है। अपने पुत्रों और पुत्रियों के शादी विवाह करके से निश्चिंत हो गए थे और खेती बारी कर पूरे परिवार के जीवन यापन में जुटे हुए थे। केदार सिंह की मौत के बाद उनकी पत्नी शांति देवी और पुत्र पुत्रियों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव में मातम का माहौल है।

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वे लोग पशुपालन के साथ-साथ पिता का खेती बारी में हाथ बटाते हैं – पुत्र
पुत्रों ने बताया कि वे लोग पशुपालन के साथ-साथ पिता का खेती बारी में हाथ बटाते हैं। इनके असामयिक निधन से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और सबों का रो-रोकर हाल बेहाल है। सदर अस्पताल पहुंची पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से आपदा राहत कोष से मृतक के आश्रितों को सरकारी प्रावधानों के तहत मुआवजे की मांग की है।
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उमेश चौबे, सोहराब आलम, ओम प्रकाश तिवारी और रुपेश कुमार की रिपोर्ट
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