
धनबाद : पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह हत्याकांड में मुख्य आरोपी और पूर्व विधायक संजीव सिंह ने बुधवार को अदालत में एक अहम आवेदन दाखिल किया। इस आवेदन में उन्होंने आईओ (जांच अधिकारी) निरंजन तिवारी, एपीपी सतेंद्र कुमार राय और पीपी के जरिए झारखंड सरकार को पार्टी बनाते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं।
संजीव सिंह ने कहा कि उन्हें दोषी ठहराने के लिए अभियोजन पक्ष ने झूठे साक्ष्य और फर्जी दस्तावेज अदालत में पेश किए। उनके अधिवक्ता मो. जावेद ने बताया कि 13 अगस्त 2025 को अंतिम बहस के दौरान संजीव सिंह के मोबाइल नंबर की फर्जी टावर लोकेशन से संबंधित दो पत्रों का सीडीआर कोर्ट में दाखिल किया गया। इसका मकसद यह साबित करना था कि वारदात के समय संजीव सिंह मौके पर मौजूद थे।
नीरज सिंह हत्याकांड: आरोपी संजीव सिंह का आरोप
आवेदन में यह भी कहा गया कि आदित्य राज के मोबाइल नंबर का भी फर्जी सीडीआर तैयार कर उसे घटना स्थल पर दिखाया गया। केस डायरी में फर्जी एंट्री करने और कोर्ट में झूठा बयान देने का आरोप भी लगाया गया है। जबकि रिलायंस जिओ कंपनी के नोडल ऑफिसर की गवाही और असली सीडीआर से स्पष्ट है कि वारदात के वक्त आदित्य का मोबाइल लोकेशन गिरिडीह में था।
संजीव सिंह ने यह भी कहा कि अभियोजन पक्ष ने कई अहम साक्ष्य छिपाए। इनमें गुरु कृपा ऑटोमोबाइल के पास का सीसीटीवी फुटेज, मौके पर मौजूद एडीजी, ट्रैफिक पुलिसकर्मी, सरायढेला के तत्कालीन थानेदार और उनके सरकारी बॉडीगार्ड की गवाही शामिल है। अदालत ने इस आवेदन पर सुनवाई गुरुवार को तय की है।
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