Jamshedpur Brain Malaria: पूर्वी सिंहभूम जिले में ब्रेन मलेरिया के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। पोटाका सहित जिले के चार खंडों में 100 वकीलों की टीम ने घर-घर जांच और इलाज का विशेष अभियान शुरू किया है। स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य समय-समय पर दिव्यांगों की पहचान कर बीमारी के प्रसार को लाभ पहुंचाना है।
पोटका में बढ़े मामले, चार बच्चियों की मौत के बाद बढ़ी सतर्कता
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पोटाका में ब्रेन मलेरिया के मामलों में लगातार प्रविष्टी दर्ज की जा रही है। अब तक कई लोगों में संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें इलाज के लिए सदर अस्पताल और एमजीएम अस्पताल में भर्ती की गई है। चार मासूमों की मौत के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से संभावित हो गया है। इसी को देखते हुए गांव-गांव विशेष स्वास्थ्य अभियान चलाया जा रहा है।
24 विशेष स्वास्थ्य टीम गांव-गांव कर रही जांच
स्वास्थ्य विभाग के 24 विशेष रिकार्ड ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के रक्त के दस्तावेज ले रहे हैं। सिर्फ पोटा रिकॉर्ड में 17 शिक्षकों की टीम घर-घर ग्राहकों की जांच, वितरण वितरण और गरीबों का इलाज कर रही है। इसके साथ ही बीमारियों के प्रति जागरूकता के लिए चौपालों पर नुक्कड नाटक और जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। लोगों से बुखार होने पर तुरंत जांच, घर के आसपास जलजमाव नहीं होने और मच्छरदानी का नियमित उपयोग करने की अपील की जा रही है।
सिविल अधिकारियों ने कहा- वॉरस्टार पर अभियान में चार खंड
पूर्वी सिंहभूम के सिविल इंजीनियर डॉ. साहिल पाल ने बताया कि पोटाका, मुसाबनी, घाटशिला और डुमरिया में 100 आतंकियों की टीमें शामिल हैं। सभी दर्ज घर-घर खरीदारों की जांच, उपचार और आवश्यक भत्ते का वितरण कर रही हैं।उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से संशोधित है और ब्रायन मलेरिया के प्रकोप को रोकने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।
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