पटना : आत्मघाती फैसला- मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जब से एलान किया है कि साल 2025 का विधानसभा चुनाव तेजस्वी यादव के नेतृत्व में लड़ा जायेगा तब से जदयू के राजद में विलय की अटकलें भी तेज हो गई है. इस मामले पर जदयू के संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने जदयू का राजद में विलय पर कहा कि अगर ऐसा होता है तो आत्मघाती फैसला होगा. क्योंकि इससे जदयू का अस्तित्व खत्म हो जायेगा.
विलय की अटकलों को किया खारिज
हालांकि उपेंद्र कुशवाहा ने विलय की अटकलों को खारिज भी किया. उन्होंने कहा कि क्या कोई अपने लिए आत्मघाती कदम उठा सकता है? इसमें कोई सच्चाई नहीं है. कोई विलय नहीं होगा, इसमें कोई सच्चाई नहीं है. पार्टी स्तर पर इसकी कोई चर्चा ही नहीं है. पार्टी में बिना चर्चा के कैसे संभव है. जदयू का राजद में विलय को लेकर अगर कहीं किसी कोने में भी चर्चा है तो यह आत्मघाती होगा. जदयू के लिए ये एक तरह से मौत की बात जो जायेगी. इसलिए ऐसा नहीं हो सकता है. जदयू का जन्म ही गरीब-गुरबा के लिए हुआ था. इसलिए लोगों को किसी भी तरह के अटकलबाजी और भ्रामक खबर से बचना चाहिए.

2025 में तेजस्वी के नेतृत्व में चुनाव लड़ने के बारे में उन्होंने कहा कि पहले 2024 लोकसभा चुनाव पर जोर देना है.
आत्मघाती फैसला: लोकसभा 2024 चुनाव पर है जदयू का पूरा ध्यान
कुढ़नी उपचुनाव में जदयू की हार और लोकसभा 2024 चुनाव के मुद्दे पर बात करते हुए उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि कुढ़नी चुनाव परिणाम की हम समीक्षा करेंगे. विलय जैसी मुद्दे पर ओबीसी, एसटी, एससी और सामान्य वोटर के बीच निगेटिव मैसेज जाता है. इसलिए हम कह रहें हैं कि कुढ़नी चुनाव परिणाम की हम समीक्षा करेंगे. आज की तारीख में राज्य की पूरी जनता नीतीश कुमार के साथ है. अभी जदयू का पूरा ध्यान 2024 के लोकसभा चुनाव पर है. लोकसभा का चुनाव हम नीतीश कुमार के नेतृत्व में लड़ेंगे. इसलिए अभी विधानसभा चुनाव की नहीं, बल्कि 2024 के लोकसभा चुनाव की बात होनी चाहिए. 2025 की बात अभी कहां है?
रिपोर्ट: राजीव कमल
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