Jeevika 20 Years Bihar, पटना: बिहार में जीविका के 20 वर्ष पूरे होने के अवसर पर जदयू के प्रदेश कार्यालय में नीतीश संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने राज्य के अलग-अलग जिलों से आईं जीविका दीदियों को संबोधित किया। गांधी जयंती के अवसर पर उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को नमन भी किया। कार्यक्रम में बिहार के सभी 38 जिलों से जीविका दीदियां शामिल हुईं। इस दौरान ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूहों के विस्तार तथा महिलाओं को समूहों से जोड़ने के संबंध में आंकड़े साझा किए गए।
ग्रामीण क्षेत्रों में 13 लाख स्वयं सहायता समूहों का दावा
स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कार्यक्रम में बताया कि बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में अब तक करीब 13 लाख स्वयं सहायता समूह गठित किए गए हैं। उनके अनुसार, इन समूहों से 1.1 करोड़ से अधिक जीविका दीदियां जुड़ी हैं। उन्होंने शहरी क्षेत्रों के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां लगभग 77 हजार स्वयं सहायता समूहों में करीब 11 लाख महिलाएं शामिल हैं। निशांत कुमार ने जीविका को महिला स्वाभिमान, आर्थिक समृद्धि और सशक्तिकरण से जुड़ी पहल बताया। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को सामूहिक रूप से जुड़ने और आर्थिक गतिविधियों में भागीदारी का अवसर मिलता है।
गांधीजी के विचारों का किया उल्लेख
गांधी जयंती के मौके पर निशांत कुमार ने महात्मा गांधी के विचारों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि गांधीजी देश के विकास में गरीबों और गांवों को प्राथमिकता देने के पक्षधर थे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण महिलाओं की भागीदारी और उनके आर्थिक सशक्तिकरण पर ध्यान देना इसी सोच से जुड़ा विषय है। कार्यक्रम में जीविका के योगदान को महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक स्थिति से जोड़कर प्रस्तुत किया गया।
नीतीश कुमार के कार्यकाल की योजनाओं का जिक्र
अपने संबोधन में निशांत कुमार ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल में शुरू की गई विभिन्न योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 से पहले बिहार में महिलाओं की शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी सुविधाओं की स्थिति बेहतर नहीं थी। उनके अनुसार, इसके बाद महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए कई योजनाएं शुरू की गईं। उन्होंने कन्या उत्थान योजना, सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना और मुख्यमंत्री उद्यमी योजना का जिक्र किया। निशांत कुमार ने कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से महिलाओं और युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया।
जीविका, जल-जीवन-हरियाली और शराबबंदी का भी उल्लेख
निशांत कुमार ने अपने पिता नीतीश कुमार की विचारधारा का उल्लेख करते हुए उन्हें गांधीवादी, लोहियावादी और अंबेडकरवादी विचारों से जुड़ा बताया। उन्होंने जीविका, जल-जीवन-हरियाली और शराबबंदी जैसी पहलों का जिक्र करते हुए कहा कि इन योजनाओं को देश-दुनिया में उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया गया है। कार्यक्रम में जीविका से जुड़ी महिलाओं की भूमिका और महिला सशक्तिकरण के मुद्दों पर चर्चा हुई। इस आयोजन में बिहार के विभिन्न जिलों से आईं जीविका दीदियों की भागीदारी रही।


















