उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में गिरफ्तार कई अभ्यर्थियों को झारखंड पात्रता परीक्षा 2026 में पुलिस निगरानी में शामिल होने की अनुमति मिली।
JET Exam 2026 रांची: उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा के पेपर लीक और सौदेबाजी मामले में गिरफ्तार कई अभ्यर्थियों को शनिवार को आंशिक राहत मिली। अपर न्यायायुक्त-एक की अदालत ने जेल में बंद कई अभ्यर्थियों को पुलिस निगरानी में रविवार को आयोजित झारखंड पात्रता परीक्षा (JET) 2026 में शामिल होने की अनुमति दे दी।
इस फैसले के बाद उन अभ्यर्थियों को राहत मिली है, जो गिरफ्तारी के कारण परीक्षा में शामिल होने को लेकर चिंतित थे। अदालत ने स्पष्ट किया कि परीक्षा में शामिल होने की अनुमति केवल पुलिस निगरानी में ही दी जाएगी।
JET Exam 2026:78 अभ्यर्थियों की जमानत याचिकाओं पर हुई सुनवाई
मामले में कुल 164 आरोपियों की ओर से जमानत याचिकाएं दाखिल की गई हैं, जिन पर सुनवाई जारी है। शनिवार को एक साथ 78 याचिकाओं पर बहस हुई। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता शिशिर राज समेत कई वकीलों ने अदालत में पक्ष रखा।
बचाव पक्ष ने अदालत से औपबंधिक जमानत देने का अनुरोध किया ताकि अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हो सकें और उनका शैक्षणिक भविष्य प्रभावित न हो। उन्होंने तर्क दिया कि परीक्षा में शामिल होने का अवसर नहीं मिलने से अभ्यर्थियों को गंभीर नुकसान हो सकता है।
Key Highlights:
• पेपर लीक मामले में गिरफ्तार अभ्यर्थियों को आंशिक राहत
• पुलिस निगरानी में JET परीक्षा देने की अदालत ने दी अनुमति
• 164 आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर चल रही सुनवाई
• शनिवार को 78 याचिकाओं पर हुई बहस
• अगली सुनवाई 29 अप्रैल को निर्धारित
JET Exam 2026:अभियोजन ने मांगा अतिरिक्त समय
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने केस डायरी प्रस्तुत करने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की। अभियोजन ने अदालत को बताया कि मामले के कई महत्वपूर्ण पहलुओं की जांच अभी जारी है और पूरी जानकारी प्रस्तुत करने के लिए अतिरिक्त समय आवश्यक है।
इस पर अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए अभियोजन को अंतिम अवसर दिया और अगली तारीख तक केस डायरी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई 29 अप्रैल को निर्धारित की गई है।
JET Exam 2026:छापेमारी में हुआ था बड़े रैकेट का खुलासा
गौरतलब है कि तमाड़ के रड़गांव स्थित एक निर्माणाधीन नर्सिंग कॉलेज में पुलिस की छापेमारी के दौरान इस बड़े पेपर लीक रैकेट का खुलासा हुआ था।
जांच में सामने आया था कि परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों को प्रश्नों के उत्तर रटवाए जा रहे थे। इसके बाद पुलिस ने कई अभ्यर्थियों और अन्य संबंधित लोगों को गिरफ्तार किया था। इस मामले ने राज्य की भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।
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