सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड विधानसभा नियुक्ति घोटाला मामले में CBI की रोक हटाने की याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि एजेंसी का इस्तेमाल राजनीतिक लड़ाई के लिए नहीं होना चाहिए।
Jharkhand Assembly Recruitment Scam: विधानसभा नियुक्ति घोटाला: CBI जांच पर लगी रोक हटाने की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की
झारखंड विधानसभा नियुक्ति घोटाला मामले में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। अदालत ने इस घोटाले में सीबीआई जांच पर लगी रोक हटाने के अनुरोध को खारिज कर दिया। चीफ जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस के विनोदचंद्रन की पीठ ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह निर्णय दिया।
सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर झारखंड हाईकोर्ट के उस आदेश पर लगी रोक हटाने की मांग की थी, जिसमें विधानसभा में हुई नियुक्तियों और पदोन्नतियों में गड़बड़ी की जांच सीबीआई को सौंपने की बात कही गई थी। सुनवाई के दौरान पीठ ने सीबीआई से सख्त सवाल पूछे और कहा कि एजेंसी की कार्यवाही राजनीतिक उद्देश्यों से प्रेरित क्यों लगती है।
Key Highlights:
सुप्रीम कोर्ट ने CBI की याचिका खारिज की।
विधानसभा नियुक्ति घोटाला जांच पर लगी रोक बनी रहेगी।
CJI बीआर गवई की पीठ ने सभी पक्षों को सुनने के बाद फैसला दिया।
अदालत ने पूछा कि CBI का उपयोग राजनीतिक लड़ाई के लिए क्यों हो रहा है।
झारखंड विधानसभा ने हाइकोर्ट के आदेश के खिलाफ SLP दायर की थी।
Jharkhand Assembly Recruitment Scam:
अदालत ने पूछा कि ऐसा क्यों होता है कि राजनीतिक विवादों वाले मामलों में सीबीआई तुरंत सक्रिय हो जाती है। इस पर झारखंड विधानसभा की ओर से पेश वरीय अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने दलील दी कि मामला पूरी तरह राजनीति से प्रेरित है और एजेंसी का इस्तेमाल राजनीतिक लड़ाई लड़ने के लिए नहीं होना चाहिए।
Jharkhand Assembly Recruitment Scam:
सीबीआई के वकील एसवी राजू ने इन आरोपों का विरोध किया और कहा कि नियुक्तियों में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं, जिनकी जांच जारी रहनी चाहिए। हालांकि, पीठ ने उनकी दलीलों को स्वीकार नहीं किया और एजेंसी की याचिका को खारिज कर दिया।
Jharkhand Assembly Recruitment Scam:
इससे पहले, झारखंड हाईकोर्ट ने सितंबर 2024 में विधानसभा में हुई नियुक्ति और पदोन्नति में अनियमितताओं की जांच सीबीआई को सौंपने का निर्देश दिया था। इस आदेश को विधानसभा ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसके बाद उच्चतम न्यायालय ने जांच पर रोक लगा दी थी। अब इस रोक को हटाने से इनकार कर दिया गया है।
यह फैसला राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर बड़ा असर डाल सकता है, क्योंकि विधानसभा नियुक्ति घोटाला पिछले कई महीनों से राज्य की राजनीति में प्रमुख मुद्दा बना हुआ है।
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