झारखंड सहायक आचार्य प्रतियोगिता परीक्षा 2023 का संशोधित रिजल्ट तय समय पर जारी नहीं हुआ। राज्य सरकार और जेएसएससी ने सुप्रीम कोर्ट से 8 सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगा है।
Jharkhand Assistant Acharya Result 2023 रांची: Jharkhandमें Assistant Acharya प्रतियोगिता परीक्षा 2023 के अभ्यर्थियों को संशोधित रिजल्ट के लिए अभी और इंतजार करना पड़ सकता है। सुप्रीम कोर्ट की ओर से निर्धारित चार सप्ताह की समय सीमा में संशोधित परिणाम जारी नहीं हो सका है। अब राज्य सरकार और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) ने सुप्रीम कोर्ट में आवेदन दायर कर आठ सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगा है। आयोग का कहना है कि परीक्षा में अपनाई गई नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया की जांच और उससे जुड़ी न्यायिक कार्यवाही के कारण संशोधित रिजल्ट जारी करने की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
Jharkhand Assistant Acharya Result 2023: सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद भी जारी नहीं हुआ संशोधित रिजल्ट
सुप्रीम कोर्ट ने 17 सितंबर 2026 को दिए गए आदेश में सहायक आचार्य प्रतियोगिता परीक्षा 2023 का संशोधित रिजल्ट चार सप्ताह के भीतर जारी करने का निर्देश दिया था। इसके साथ ही मुख्य सचिव को छह सप्ताह के भीतर अनुपालन शपथ पत्र दाखिल करना था।
निर्धारित समय सीमा में संशोधित रिजल्ट जारी नहीं होने के बाद राज्य सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में अतिरिक्त समय के लिए आवेदन दिया गया है। आवेदन में कहा गया है कि परीक्षा के नॉर्मलाइजेशन से संबंधित अदालती कार्यवाही पूरी होने के बाद संशोधित परिणाम तैयार करने के लिए आठ सप्ताह का समय आवश्यक है।
इस घटनाक्रम से सहायक आचार्य भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों की प्रतीक्षा बढ़ सकती है। अब संशोधित रिजल्ट जारी करने की प्रक्रिया पर सुप्रीम कोर्ट के अगले निर्देश और नॉर्मलाइजेशन से जुड़े मामले में हाईकोर्ट के आदेश का असर पड़ सकता है।
नॉर्मलाइजेशन मामले में 29 अक्टूबर को हाईकोर्ट में सुनवाई
जेएसएससी ने 22 अक्टूबर को स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग को जानकारी दी थी कि संशोधित रिजल्ट तैयार करने की प्रक्रिया जारी है। हालांकि, झारखंड हाईकोर्ट के 28 सितंबर के अंतरिम आदेश के तहत परीक्षा में अपनाई गई नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया की जांच के लिए बीआईटी मेसरा की विशेषज्ञ समिति गठित की गई है।
समिति ने आयोग से परीक्षा से संबंधित कुछ सूचनाएं मांगी हैं। जेएसएससी के अनुसार, इन सूचनाओं को उपलब्ध कराने की प्रक्रिया चल रही है। नॉर्मलाइजेशन से जुड़ी रिट याचिका डब्ल्यूपी (एस) 3543/2025, गिरिधर प्रसाद राउत एवं अन्य बनाम झारखंड सरकार एवं अन्य मामले की सुनवाई हाईकोर्ट में 29 अक्टूबर को निर्धारित है।
आयोग का कहना है कि इस मामले में हाईकोर्ट का आदेश संशोधित रिजल्ट को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में हाईकोर्ट के आदेश के बाद ही परिणाम जारी करना उचित होगा। अब अभ्यर्थियों की नजर 29 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई और सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार की ओर से मांगे गए अतिरिक्त समय पर टिकी है।
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