झारखंड के पांच मेडिकल कॉलेजों के 800 से अधिक जूनियर डॉक्टर 6 अप्रैल से हड़ताल पर जाएंगे। स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग, OPD सेवाएं प्रभावित होंगी।
Jharkhand Doctors Strike रांची : रांची से बड़ी खबर सामने आई है, जहां स्टाइपेंड में संशोधन की मांग को लेकर राज्य के पांच मेडिकल कॉलेजों के जूनियर डॉक्टरों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया है। आइएमए जूनियर डॉक्टर्स नेटवर्क के बैनर तले यह हड़ताल 6 अप्रैल 2026 से शुरू होगी। इस आंदोलन में 800 से अधिक जूनियर डॉक्टर शामिल होंगे, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर व्यापक असर पड़ने की आशंका है।
Jharkhand Doctors Strike:6 अप्रैल से शुरू होगी अनिश्चितकालीन हड़ताल
आइएमए जूनियर डॉक्टर्स नेटवर्क के अनुसार, पिछले 20 दिनों से स्वास्थ्य विभाग का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित करने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन अब तक कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है। ऐसे में हड़ताल ही एकमात्र विकल्प बचा है। संगठन के सचिव डॉ. राघवेंद्र सिंह ने बताया कि यह हड़ताल अनिश्चितकालीन होगी।
Jharkhand Doctors Strike:OPD सेवाएं होंगी ठप, इमरजेंसी जारी रहेगी
इस हड़ताल के कारण मेडिकल कॉलेजों की ओपीडी सेवाएं पूरी तरह ठप हो सकती हैं, जिससे आम मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। हालांकि आइएमए जेडीएन ने स्पष्ट किया है कि इमरजेंसी सेवाएं पहले की तरह चालू रहेंगी, ताकि गंभीर मरीजों को दिक्कत न हो।
Key Highlights
6 अप्रैल से 800 से अधिक जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर
स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन
पांच मेडिकल कॉलेजों में OPD सेवाएं होंगी प्रभावित
इमरजेंसी सेवाएं जारी रखने का दावा
रिम्स डॉक्टरों का समर्थन, पर सीधे शामिल नहीं
Jharkhand Doctors Strike:पांच मेडिकल कॉलेजों के डॉक्टर होंगे शामिल
इस हड़ताल में एमजीएम मेडिकल कॉलेज जमशेदपुर, शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज धनबाद, शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज हजारीबाग, फूलो झानो मेडिकल कॉलेज दुमका और मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के जूनियर डॉक्टर शामिल होंगे। इनमें करीब 300 इंटर्न, 250 पीजी डॉक्टर और 250 सीनियर रेजिडेंट शामिल हैं।
Jharkhand Doctors Strike:रिम्स का समर्थन, लेकिन डॉक्टर नहीं होंगे शामिल
रिम्स के जूनियर डॉक्टरों ने इस आंदोलन को समर्थन देने की बात कही है, लेकिन वे सीधे हड़ताल में शामिल नहीं होंगे। हालांकि आइएमए जेडीएन का दावा है कि रिम्स के डॉक्टरों ने ओपीडी बहिष्कार का आश्वासन दिया है।
Jharkhand Doctors Strike:स्टाइपेंड बढ़ाने की प्रमुख मांग
जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें अन्य राज्यों और रिम्स के अनुरूप स्टाइपेंड नहीं मिल रहा है। वे समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग कर रहे हैं। इस मुद्दे को लेकर राज्य आईएमए और झासा ने भी आंदोलन को समर्थन दिया है।
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