झारखंड में UPSC PT पास SC और ST अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा व इंटरव्यू की तैयारी के लिए डेढ़ लाख रुपये की सहायता मिलती है, लेकिन सिर्फ 4 आवेदन आए।
UPSC PT रांची: झारखंड सरकार की मुख्यमंत्री एससी-एसटी सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना के तहत यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा पास करने वाले एससी और एसटी वर्ग के अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार की तैयारी के लिए डेढ़ लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इस वर्ष सरकार ने सहायता राशि में 50 हजार रुपये की बढ़ोतरी की है। पहले इस योजना के तहत एक लाख रुपये दिए जाते थे। इसके बावजूद योजना का लाभ लेने के लिए राज्यभर से सिर्फ चार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है।
UPSC PT: सहायता राशि बढ़ी, आय सीमा भी 8 लाख हुई
सरकार ने इस वर्ष योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि बढ़ाने के साथ अभ्यर्थियों की पारिवारिक वार्षिक आय सीमा में भी बड़ा बदलाव किया है। पहले आय सीमा 2.50 लाख रुपये थी, जिसे बढ़ाकर आठ लाख रुपये कर दिया गया है।
योजना का उद्देश्य यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा पास करने वाले एससी और एसटी अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार की तैयारी में आर्थिक मदद देना है। पीटी के बाद कोचिंग, अध्ययन सामग्री, यात्रा और अन्य तैयारी में होने वाले खर्च के लिए डेढ़ लाख रुपये की सहायता उपयोगी हो सकती है।
कल्याण मंत्री चमरा लिंडा के अनुसार, योजना के प्रति अभ्यर्थियों की भागीदारी कम होने के कारणों का पता लगाया जाएगा। साथ ही योजना का अधिक प्रचार-प्रसार किया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा पात्र अभ्यर्थी इसका लाभ उठा सकें।
Key Highlights
- UPSC PT पास SC और ST अभ्यर्थियों को झारखंड सरकार दे रही है डेढ़ लाख रुपये।
- पहले योजना के तहत एक लाख रुपये की सहायता मिलती थी।
- इस वर्ष सहायता राशि में 50 हजार रुपये की बढ़ोतरी की गई है।
- पारिवारिक वार्षिक आय की सीमा 2.50 लाख से बढ़ाकर आठ लाख रुपये की गई।
- इसके बावजूद योजना के लिए राज्यभर से सिर्फ चार आवेदन प्राप्त हुए।
UPSC PT:31 जुलाई तक मांगे गए थे आवेदन
झारखंड सरकार ने इस वर्ष यूपीएससी पीटी में सफल एससी और एसटी अभ्यर्थियों से योजना का लाभ लेने के लिए 31 जुलाई तक आवेदन मांगे थे। प्राप्त आवेदनों में दो अभ्यर्थी एससी और दो एसटी वर्ग से हैं।
सरकार की ओर से योजना में सहायता राशि और आय सीमा में बदलाव का उद्देश्य पात्र अभ्यर्थियों का दायरा बढ़ाना था। लेकिन आवेदन की संख्या बेहद कम रहने से योजना की पहुंच और प्रचार-प्रसार को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
UPSC PT:आवेदन कम आने के पीछे क्या हैं कारण
योजना के लिए कम आवेदन आने के कई संभावित कारण बताए जा रहे हैं। सबसे प्रमुख कारण योजना की जानकारी का अभाव हो सकता है। संभव है कि यूपीएससी पीटी पास करने वाले सभी पात्र एससी-एसटी अभ्यर्थियों तक योजना और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी समय पर नहीं पहुंची हो।
इसके अलावा जो अभ्यर्थी केंद्र या राज्य सरकार की किसी दूसरी समान आर्थिक सहायता योजना का लाभ ले रहे हैं, वे इस योजना के पात्र नहीं हैं। वहीं यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में सफल होने वाले अभ्यर्थियों की संख्या भी सीमित रहती है, जिससे आवेदन का दायरा स्वाभाविक रूप से छोटा हो सकता है।
सरकार अब योजना के बारे में व्यापक प्रचार-प्रसार करने की तैयारी में है, ताकि भविष्य में अधिक पात्र अभ्यर्थी इसका लाभ उठा सकें।


















