झारखंड में 11 सितंबर को बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से भारी बारिश और वज्रपात की संभावना है।
Jharkhand Weather रांची: झारखंड में 11 सितंबर को मौसम सक्रिय रहेगा। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने कई जिलों में भारी बारिश, मेघगर्जन और वज्रपात की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है।
Jharkhand Weather: इन जिलों में भारी बारिश के आसार
मौसम विभाग के अनुसार गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला खरसावां में भारी बारिश होने की संभावना है। इन जिलों में बारिश के साथ मेघगर्जन और वज्रपात की स्थिति बन सकती है।
वहीं रांची, रामगढ़, हजारीबाग, कोडरमा, बोकारो, गिरिडीह, धनबाद, देवघर, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज, पाकुड़ और जामताड़ा में भी गरज के साथ बारिश होने के आसार हैं। इस दौरान कई इलाकों में आंशिक से लेकर घने बादल छाए रह सकते हैं।
Key Highlights
- 11 सितंबर को झारखंड के अधिकांश हिस्सों में बारिश की संभावना।
- बंगाल की खाड़ी के निम्न दबाव और साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर।
- कई जिलों में भारी बारिश और वज्रपात को लेकर येलो अलर्ट।
- 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
- अगले कुछ दिनों में तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट संभव।
Jharkhand Weather: 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक चल सकती हैं तेज हवाएं
बारिश और मेघगर्जन के दौरान झारखंड के कई हिस्सों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। कुछ इलाकों में हवा की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
लगातार हो रही बारिश के प्रभाव से अगले कुछ दिनों में अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे राज्य के कई हिस्सों में दिन के तापमान में कमी आने के साथ मौसम में ठंडक बढ़ने की संभावना है।
Jharkhand Weather: वज्रपात को लेकर सावधानी बरतने की अपील
मौसम विभाग ने मेघगर्जन और वज्रपात की आशंका को देखते हुए लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। किसानों को सलाह दी गई है कि मेघगर्जन के दौरान खेतों में काम करने से बचें और सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।
वज्रपात के दौरान खुले मैदान, खेत और ऊंचे स्थानों पर रहने से बचना चाहिए। पेड़ों के नीचे खड़े होने के बजाय किसी सुरक्षित पक्के भवन में शरण लेने की सलाह दी जाती है। मौसम खराब होने के दौरान लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने की जरूरत है।


















