झारखंड में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं। वज्रपात से तीन लोगों की मौत हुई है। रांची समेत कई जिलों में बारिश, मेघगर्जन और तेज हवा का येलो अलर्ट जारी।
Jharkhand Weather Alert रांची: झारखंड में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय होने के साथ मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश, मेघगर्जन और तेज हवाओं का दौर शुरू हो गया है। इसी बीच वज्रपात की घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है। गढ़वा और रामगढ़ जिलों में आकाशीय बिजली गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया है।
Jharkhand Weather Alert:वज्रपात से तीन लोगों की मौत, एक गंभीर रूप से घायल
जानकारी के अनुसार गढ़वा जिले के धुरकी प्रखंड स्थित परासपानी कला गांव में शनिवार शाम वज्रपात की चपेट में आने से 12 वर्षीय बालक क्रमु कुमार की मौत हो गई। वहीं रामगढ़ जिले के गंडके पाहन टोला निवासी 30 वर्षीय राजू मुंडा की भी आकाशीय बिजली गिरने से जान चली गई। इसके अलावा कुजू के मुरपा कठरा टोला निवासी 16 वर्षीय साहिल कुमार की भी वज्रपात से मौत हो गई। इस घटना में साहिल के पिता विनोद महतो गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनका इलाज चल रहा है।
Jharkhand Weather Alert:कई जिलों में बारिश और तेज हवा का येलो अलर्ट
मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के रांची केंद्र ने आगामी दिनों में राज्य के कई हिस्सों में बारिश, मेघगर्जन और वज्रपात की संभावना जताई है। विभाग ने कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार 9 जून को रांची, बोकारो, रामगढ़, गुमला और खूंटी सहित दक्षिणी तथा निकटवर्ती मध्य भागों में मेघगर्जन, तेज हवा और वर्षा होने की संभावना है।
इसके अलावा राजधानी रांची और आसपास के क्षेत्रों में 10 तथा 11 जून को भी मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने के संकेत दिए गए हैं। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने और खुले स्थानों में जाने से बचने की सलाह दी है।
Key Highlights
झारखंड में प्री-मानसून गतिविधियां हुईं सक्रिय।
गढ़वा और रामगढ़ में वज्रपात से तीन लोगों की मौत।
एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल, इलाज जारी।
रांची समेत कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी।
10 और 11 जून को भी रांची में बारिश और मेघगर्जन की संभावना।
Jharkhand Weather Alert:मौसम में बदलाव की वजह बना चक्रवाती परिसंचरण
मौसम विभाग के अनुसार झारखंड के ऊपर मौसम में बदलाव का मुख्य कारण सक्रिय मौसमीय तंत्र हैं। वर्तमान में एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश से लेकर तेलंगाना तक एक ट्रफ रेखा सक्रिय है। इन प्रणालियों के प्रभाव से राज्य में नमी बढ़ रही है, जिससे प्री-मानसून गतिविधियों को बल मिल रहा है और कई क्षेत्रों में बारिश, मेघगर्जन तथा वज्रपात की घटनाएं देखने को मिल रही हैं।
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