झरिया (धनबाद) : जेपीएससी अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज कर जेएमएम की सरकार ने बिनोद बिहारी महतो के सपने को रौंद दिया है. झारखंड के युवाओं को लेकर स्व. बिनोद बिहारी महतो की जो सोच थी वह कहीं न कहीं धूमिल होती दिखा दे रही है. उक्त बातें बिनोद बिहारी महतो के स्मारक पर श्रद्धांजलि देने के बाद विधायक राज सिन्हा ने कही.
बलियापुर स्थित विनोद बिहारी विश्वविद्यालय में पुण्यतिथि मनाई गई. इस दौरान बिनोद बिहारी के स्मारक पर श्रद्धांजलि देने पहुंचे धनबाद के विधायक राज सिन्हा ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि बिनोद बिहारी महतो ने झारखंडवासियों के लिए एक नारा दिए थे कि लड़ना है तो पढ़ना सीखो. आज इसी झारखंड में जेएमएम की सरकार है. जबकि बिनोद बिहारी महतो जेएमएम के संस्थापक रहे हैं. उन्हीं के राज्य में जेपीएससी के छात्रों पर लाठीचार्ज होता है. ऐसा प्रतीत होता है कि झारखंड के युवाओं को लेकर बिनोद बिहारी की जो सोच थी वह कहीं न कहीं धूमिल होती दिखायी दे रही है.

बता दें कि झारखंड की राजधानी रांची स्थित 7वीं से 10वीं जेपीएससी पीटी परिणाम को लेकर निरंतर अभ्यर्थियों का आंदोलन उग्र होते नजर आ रहा है. अभ्यर्थी पिछले 48 दिनों से नियमित रूप से आंदोलन कर रहे हैं और अलग-अलग रणनीति बनाते नजर आ रहे हैं.
जेपीएससी अभ्यर्थी रात में हुई कार्रवाई को लेकर प्रशासन और सरकार के विरूद्ध जोरदार तरीके से नारेबाजी करने लगे. स्थिति को देख मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी ने बताया कि 17 अगस्त से मोरहाबादी मैदान क्षेत्र में धारा 144 लगायी गयी है. जिसे लेकर आंदोलनरत अभ्यर्थियों को हटाया गया है.
जेपीएससी अभ्यर्थियों का इस मामले में कहना है कि 17 दिसंबर को बापू वाटिका के समीप धरना पर बैठे लोगों से कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी ने मुलाकात की थी. ऐसी स्थिति में इरफान अंसारी ने धारा 144 का उल्लंघन किया है. उनके विरूद्ध भी प्रशासनिक कार्रवाई होनी चाहिए.
जानकारी के मुताबिक सभी जेपीएससी अभ्यर्थियों को बापू वाटिका के पास से हटा दिया गया है. जेपीएससी आंदोलकारियों की मानें, तो उन्होंने 29 दिसंबर को झारखंड बंद का एलान किया है.
रिपोर्ट : अनिल मुंडा

















