JPSC 11वीं से 13वीं संयुक्त असैनिक सेवा परीक्षा 2023 में डिप्टी कलेक्टर चुने गए सुनील दास और आर्यन की नियुक्ति अनुशंसा रद्द कर दी गयी।
JPSC Action रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग की 11वीं से 13वीं संयुक्त असैनिक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा 2023 में चयनित दो अभ्यर्थियों सुनील दास और आर्यन की नियुक्ति की अनुशंसा रद्द कर दी गयी है। दोनों अभ्यर्थियों का चयन डिप्टी कलेक्टर के पद पर हुआ था।
कार्मिक विभाग ने यह कार्रवाई प्रमाण पत्रों के सत्यापन की प्रक्रिया में दोनों के शामिल नहीं होने के कारण की है। विभाग की ओर से दोनों अभ्यर्थियों को अपने शैक्षणिक, जाति और आवासीय प्रमाण पत्रों के सत्यापन के लिए बार-बार अवसर दिया गया था। इसके बावजूद दोनों निर्धारित प्रक्रिया में उपस्थित नहीं हुए।
JPSC Action:डिप्टी कलेक्टर पद पर हुआ था चयन
झारखंड लोक सेवा आयोग की 11वीं से 13वीं संयुक्त असैनिक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा 2023 में सुनील दास और आर्यन का चयन डिप्टी कलेक्टर के पद पर हुआ था। चयन के बाद नियुक्ति की प्रक्रिया के तहत उनके प्रमाण पत्रों का सत्यापन किया जाना था।
इसके लिए कार्मिक विभाग ने दोनों अभ्यर्थियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने और सत्यापन में शामिल होने का अवसर दिया।
Key Highlights
JPSC 11वीं से 13वीं संयुक्त परीक्षा 2023 में दो चयनित अभ्यर्थियों की अनुशंसा रद्द।
सुनील दास और आर्यन का चयन डिप्टी कलेक्टर पद के लिए हुआ था।
दोनों को प्रमाण पत्र सत्यापन के लिए कई बार अवसर दिया गया।
शैक्षणिक, जाति और आवासीय प्रमाण पत्रों का सत्यापन होना था।
सत्यापन प्रक्रिया में शामिल नहीं होने पर कार्मिक विभाग ने कार्रवाई की।
JPSC Action:बार-बार मौका मिलने के बाद भी नहीं पहुंचे
विभाग के अनुसार, दोनों अभ्यर्थियों को शैक्षणिक प्रमाण पत्र के साथ जाति और आवासीय प्रमाण पत्रों के सत्यापन के लिए कई बार अवसर दिया गया। इसके बावजूद वे सत्यापन प्रक्रिया में शामिल नहीं हुए।
निर्धारित प्रक्रिया में उपस्थित नहीं होने के कारण विभाग ने उनकी नियुक्ति की अनुशंसा रद्द करने का निर्णय लिया।
JPSC Action:नियुक्ति प्रक्रिया में दस्तावेज सत्यापन जरूरी
सरकारी सेवा में चयन के बाद अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों का सत्यापन नियुक्ति प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। शैक्षणिक योग्यता, जाति और आवासीय प्रमाण पत्रों के सत्यापन के बाद ही नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ती है।
दोनों अभ्यर्थियों के निर्धारित अवसरों के बावजूद सत्यापन के लिए उपस्थित नहीं होने पर कार्मिक विभाग ने उनकी नियुक्ति संबंधी अनुशंसा रद्द कर दी है।


















