JPSC अभ्यर्थियों ने सरकार को दी बड़े आंदोलन की चेतावनी

रांची : JPSC अभ्यर्थी एक बार फिर से गोलबंद होना शुरू हो गये हैं. आंदोलनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि आगे की रणनीति के लिए वो 25 जनवरी तक इंतजार करेंगे. इस दिन हाईकोर्ट का अहम फैसला आ सकता है. आंदोलनकारी जेपीएससी की मुख्य परीक्षा को रद्द करने की मांग कर रहे हैं. जेपीएससी ने 28 से 30 जनवरी तक मुख्य परीक्षा की तारीखें घोषित की है. आंदोलन कर रहे छात्रों का कहना है पीटी परीक्षा में धांधली की बात सामने आने के बावजूद मुख्य परीक्षा की तिथि घोषित की गई. इसके साथ ही इनका कहना है कि कोरोना गाइडलाइंस के नियमों का उल्लघंन करते हुए परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है. इसलिए इस परीक्षा को स्थगित किया जाना चाहिए. इस मामले को लेकर जेपीएससी अभ्यर्थियों ने शुक्रवार को बैठक कर आगे की रणनीति पर विचार-विमर्श किया.

अभ्यर्थियों का कहना है कि कोविड गाइडलाइन के मुताबिक 31 जनवरी तक शैक्षणिक संस्थाओं पर किसी भी तरह की ऑफलाइन परीक्षा आयोजित कराने पर रोक लगायी गई है. गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में यूपीपीएससी की परीक्षा 28 जनवरी को होनी थी जिसे स्थगित किया जा चुका है. अभ्यर्थियों को आपत्ति है कि कोविड-19 के बीच मुख्य परीक्षा लेना गलत है. क्योंकि अभ्यर्थी परीक्षा की वजह से पॉजिटिव हो सकते हैं.

छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो का कहना है कि छात्रों के संघर्ष के परिणाम से झामुमो विधायक सीता सोरेन, लोबिन हेंब्रम ने जेपीएससी के विरुद्ध बयान दिया है. वहीं पूर्व विधायक अमित महतो का झामुमो छोड़ने के निर्णय से हेमंत सरकार पर तमाचा है. जेपीएससी से सम्बन्धित हाई कोर्ट द्वारा 25 जनवरी को आने वाली फैसला के बाद आगे की रणनीति बनाएंगे. इसको लेकर 26 जनवरी को रांची में पुनः आंदोलनकारी छात्रों की बैठक होगी.

मौके पर छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो और मनोज यादव ने कहा कि जेपीएससी आयोग झारखंड सरकार आपदा प्रबंधन प्राधिकरण विभाग के गाइडलाइन का उल्लंघन कर रही है. स्वास्थ्य विभाग, सुप्रीम कोर्ट के नियमावली के विरुद्ध जेपीएससी ने 28 जनवरी से मुख्य परीक्षा लेने का निर्णय लिया है जो संभव नहीं है.

उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मांग किया कि तत्काल जेपीएससी पर संज्ञान लेते हुए मुख्य परीक्षा पर रोक लगाएं और पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराएं. अगर ऐसा नहीं हुआ तो फिर से उग्र आंदोलन करने के लिए छात्र बाध्य होगा. उन्होंने कहा कि जेपीएससी भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है. गड़बड़ी का सबूत भी सार्वजनिक हो चुका है. और तो और जेपीएससी अपनी गलती की स्वीकार भी कर चुका है, फिर भी जेपीएससी पर कार्रवाई नहीं होना दुर्भाग्य है.

छात्र नेता ने कहा कि छात्रों के आंदोलन और सच का संघर्ष का ही परिणाम से आज झारखण्ड के पक्ष-विपक्ष आंदोलन के समर्थन में धीरे-धीरे आ रहे हैं. बैठक में देवेंद्र नाथ महतो, मनोज यादव, संजीत गुप्ता, मोतीलाल महतो, अरविंद कुमार, रूपेश कुमार, मुकेश कुमार, बसंत कुमार, प्रवीण कुमार चौधरी के अलावा अन्य दर्जनों छात्र उपस्थित रहे.

रिपोर्ट : शाहनवाज

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