14वीं JPSC परीक्षा में फर्जी तरीके से पास कराने वाले सिंडिकेट का CID ने खुलासा किया। सामान्य वर्ग से एक करोड़ रुपये तक मांगने का आरोप है।
JPSC Scam रांची: 14वीं JPSC परीक्षा में अभ्यर्थियों को फर्जी तरीके से पास कराने के लिए बड़े सिंडिकेट के संचालन का खुलासा हुआ है। सीआइडी ने अदालत में बताया कि अभय तिवारी इस नेटवर्क का मास्टरमाइंड था और उमेश कुमार उसका सहयोगी था। सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों से एक करोड़ और एससी एसटी अभ्यर्थियों से 80 लाख रुपये तक मांगे जाने की जानकारी जांच में सामने आयी है।
JPSC Scam:500 से अधिक OMR शीट में गड़बड़ी का आरोप
सीआइडी के अनुसार अभय तिवारी और उसके सहयोगियों ने पैसे लेकर अभ्यर्थियों को सफल कराने की कोशिश की। अभ्यर्थियों से पांच लाख से 25 लाख रुपये तक वसूले गये। जांच में 500 से अधिक ओएमआर शीट में गड़बड़ी की बात भी सामने आयी है।
JPSC Scam:दोनों आरोपियों की जमानत याचिका खारिज
अभय तिवारी और उमेश कुमार को सीआइडी ने गिरफ्तार किया है। दोनों की जमानत याचिका पर बुधवार को अपर न्यायायुक्त सह विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत में सुनवाई हुई। अदालत ने दोनों की जमानत याचिका खारिज कर दी।
Key Highlights
- अभय तिवारी को JPSC सिंडिकेट का मास्टरमाइंड बताया गया।
- सामान्य वर्ग से एक करोड़ रुपये तक मांगने का आरोप।
- एससी एसटी अभ्यर्थियों से 80 लाख रुपये तक मांगने की बात सामने आयी।
- 500 से अधिक OMR शीट में गड़बड़ी का आरोप।
- फरार आरोपी रवि शंकर ने कोर्ट में सरेंडर किया।
JPSC Scam:ED ने दर्ज की एक और ECIR
JPSC परीक्षा घोटाले से जुड़े सीआइडी थाना कांड संख्या 16 2026 के आधार पर ईडी ने अलग ECIR दर्ज की है। उधर, फरार आरोपी रवि शंकर ने बुधवार को रांची सिविल कोर्ट स्थित सीआइडी की विशेष अदालत में सरेंडर कर दिया। उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।


















