Manipal Student Death Case: जमशेदपुर के रहने वाले अंजनी कुमार मिश्रा ने भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, भारत के मुख्य न्यायाधीश, झारखंड के मुख्यमंत्री और राज्यपाल, और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग सहित कई संवैधानिक अधिकारियों को पत्र लिखकर अपने 21 साल के बेटे, लक्ष्य कुमार मिश्रा की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है।
इंजीनियरिंग छात्र की मौत पर उठे सवाल
अंजनी कुमार मिश्रा के अनुसार, उनका बेटा लक्ष्य कुमार मिश्रा बेंगलुरु के मणिपाल इंजीनियरिंग कॉलेज में दूसरे साल का छात्र था। उन्होंने बताया कि उन्हें 7 अप्रैल को कॉलेज कैंपस में अपने बेटे की मौत की खबर मिली। जहां कॉलेज प्रशासन ने इस घटना को आत्महत्या बताया—यह दावा करते हुए कि छात्र खिड़की से कूद गया था—वहीं परिवार का आरोप है कि यह मामला रैगिंग और उत्पीड़न से जुड़ा हो सकता है।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट न मिलने का आरोप
दुखी पिता का कहना है कि घटना को दो महीने से ज़्यादा समय बीत जाने के बाद भी उन्हें पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट नहीं दी गई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उन्हें पुलिस या कॉलेज प्रशासन से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है।
निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
परिवार ने संबंधित संवैधानिक निकायों से आग्रह किया है कि वे इस मामले की निष्पक्ष जांच करें, मौत से जुड़ी असली परिस्थितियों का पता लगाएं, और अगर कोई लापरवाही या आपराधिक कृत्य सामने आता है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करें।
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