IIT ISM में खनन 2022

धनबाद में खनन 2022 का होगा आयोजन

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DHANBAD: IIT ISM में खनन 2022 – माइनिंग का सबसे बड़ा इवेंट खनन 2022 का आयोजन

3 नवंबर से 6 नवंबर तक होने जा रहा है. जिसमें देश के अलग-अलग शिक्षण संस्थानों से

650 छात्र भाग लेंगे. इस कार्यक्रम को लेकर IIT ISM में प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया.

खनन 2022: माइनिंग समस्याओं का होगा मेक इन इंडिया निदान

मीडिया को जानकारी देते हुए उपनिदेशक प्रो. धीरज कुमार ने बताया कि

3 नवंबर से देश के सबसे बड़े खनन इवेंट खनन 2022 की शुरुआत आईआईटी आईएसएम

धनबाद के कैंपस में किया जा रहा है. इस इवेंट में देश के विभिन्न उच्च शिक्षण संस्थान के

छात्र-छात्राएं सम्मिलित होंगे. इवेंट में मुख्य अतिथि के तौर पर कोल इंडिया इनोवेशन

और इनक्यूबेशन के चेयरमैन प्रमोद अग्रवाल मौजूद रहेंगे. इस पूरे इवेंट का मकसद माइनिंग सेंटर में कम हो रहे इनोवेशन को बढ़ावा देने का है.

खनन 2022: विभिन्न तरह के कार्यक्रमों का होगा आयोजन

कोल इंडिया, डीजीएमएस समेत कई अन्य निजी औधोगिक संस्था इसमें पार्टनर के तौर पर कार्य कर रहे हैं. ओपन एंड अंडरग्राउंड माइनिंग से जुड़ी विभिन्न समस्याओं का निदान आईआईटी के विद्यार्थियों के द्वारा अलग अलग समूह बनाकर किया जाएगा. 3 दिनों के इस इवेंट में विभिन्न तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा. इसके साथ ही बेहतर परफॉर्म करने वाले छात्रों को प्रोत्साहित भी किया जाएगा.

प्री इवेंट में दिखा छात्रों का दम

इसमें पब्लिक स्पीकिंग कांटेस्ट के अंतर्गत उभरते हुए टेक्नोक्रेट

एक.दूसरे के खिलाफ शब्दों और ज्ञान से वाकयुद्ध करते हैं.

इसके उपलक्ष्य में संस्थान के गोल्डन जुबली लेक्चर थिएटर में प्री.इवेंट का आयोजन हुआ.

इसका विषय काल्पनिक देश की आंतरिक समस्याएं रखा गया.

इसका आयोजन माइक ड्रॉप आइआइटी आइएसएम के छात्र जिमखाना क्लब की ओर से किया गया। इसमें 10 छात्रों की टीम शामिल हुई। पश्चिम अफ्रीका देश के एक काल्पनिक समुद्र तट की समस्याओं और समाधान के लिए एक.दूसरे के खिलाफ प्रतिस्पर्धा में भाग लिया। इसमें इस बात का उल्लेख था कि संबंधित समुद्र तट ने 2000 से पहले कई सैन्य तख्तापलट का सामना किया और फिर से मुद्रास्फीतिए वस्तुओं की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में वृद्धि और वापसी के कारण संकट झेलना पड़ा। प्रतिभागियों ने राष्ट्रपति चुनाव के लिए चुनाव अभियान चलाने की आवश्यकता पर जोर दिया। संकटग्रस्त पश्चिम अफ्रीकी राष्ट्र को सुझाव देते हुए घोषणापत्र तैयार किया।

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