मंत्री ने कहा- ग्रामीण कार्य विभाग में पारदर्शिता लाने के लिए किए गए हैं बदलाव

पटना : बिहार सरकार के ग्रामीण कार्य विभाग के मंत्री अशोक चौधरी ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण कार्य विभाग में पारदर्शिता लाने के लिए कुछ बदलाव किए गए हैं। ग्रामीण कार्य विभाग में पहले जो काम हुए हैं उस पर कुछ सवाल उठ रहे थे। मेरे मंत्रिमंडल में शामिल होने पर ग्रामीण कार्य विभाग के दो-तीन पुल गिर गए थे। अररिया में जो पुल गिरा था उसका वीडियो काफी वायरल हुआ था। इस मामले में जो संबंधित पदाधिकारी निलंबित किया गया था। एनआईटी और आईआईटी के तकनीकी विशेषज्ञों से इसकी जांच कराई गई थी। तकनीकी जांच में निर्माण कार्य में गुणवत्ता की कमी बात सामने आई थी।

मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि मंत्रिमंडल निगरानी विभाग से जांच करने का निर्णय लिया है। 15 से 20 साल बाद मंत्रिमंडल निगरानी विभाग से विभाग गड़बड़ी की जांच कर रहा है। पारदर्शिता को दिखाने के लिए यह जांच मंत्रिमंडल निगरानी विभाग से कराई जा रही है। ग्रामीण विभाग कार्य में निर्माण में केंद्र राज्य का अंश अब केंद्रीय स्तर पर तय मानक के अनुसार होगा, पहले यह नहीं होता था। राज्य सरकार को पहले अंश राशि ज्यादा देने पड़ती थी। ग्रामीण कार्य विभाग मैं टेंडर की प्रक्रिया पूर्ण रूप से ऑनलाइन होगी।

उन्होंने कहा कि पहले 70 फीसदी ऑनलाइन होता था, 30 फीसदी ऑफलाइन टेंडर होता था। विभाग को कार्य करने में ऑफलाइन टेंडर में काफी दिक्कत होती थी समय लगता है। कार्य में तेजी लाने के लिए यह नियम खत्म कर दिया गया। 100 फीसदी टेंडर अब ऑनलाइन होंगे। ग्रामीण कार्य विभाग अपने बनाए गए सड़क को पांच साल तक निर्माण कंपनी द्वारा रखाव करेगी। इसके लिए देखने के लिए तकनीकी रूप से ड्रोन से लेकर आने चीजों के सहारा लिया जाएगा। ग्रामीण कार्य विभाग अपने रिटायर इंजीनियरों को आउटसोर्स के माध्यम से रखेगी। 1000 नए पुल का निर्माण आने वाले समय में विभाग करने जा रहा है। पुल के निर्माण की मांग को लेकर कई जगहों पर वोट का बहिष्कार हुआ था। इस समस्या को देखते हुए विभाग ने नए लगभग पुल 1000 बनाने का फैसला लिया है।

मंत्री अशोक ने कहा कि तेजस्वी प्रसाद यादव को पुल और पुलिया में अंतर नहीं पता है। इसीलिए वह पुल और पुलिया को एक ही श्रेणी में गिन लेते हैं। नेता प्रतिपक्ष पुल गिरने के मामले को बोलकर भयावह राज्य में बना रहे हैं। नीतीश कुमार के कार्यकाल में दो लाख से अधिक पुल बिहार में बने हैं। नेता प्रतिपक्ष द्वारा बिहार की छवि खराब करने की कोशिश हो रही है।विभाग के मंत्री आप भी थे, अगर गड़बड़ी थी तो क्यों नहीं अपने जांच कराया। नीतीश कुमार कितने गंभीर ,है इस बात से पता चलता है। नीतीश कुमार ने पुल के हेल्थ कार्ड बनाने का निर्देश विभाग को दे दिया है।

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अविनाश सिंह की रिपोर्ट

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