MMDR संशोधन विधेयक 2026 पर BCCL ने कहा कि खनन से मिलने वाले हर एक रुपये में करीब 90 पैसे राज्यों के पास रहेंगे। राज्यों का राजस्व कम नहीं होगा।
MMDR Amendment Bill 2026 धनबाद: एमएमडीआर संशोधन विधेयक 2026 को लेकर भारत कोकिंग कोल लिमिटेड ने अपना पक्ष रखा है। कंपनी का कहना है कि प्रस्तावित संशोधन के बाद भी खनन से मिलने वाले हर एक रुपये में करीब 90 पैसे राज्यों के पास ही रहेंगे। बीसीसीएल के अनुसार विधेयक का उद्देश्य राज्यों के खनिज राजस्व को सुरक्षित रखने के साथ खनन क्षेत्र में स्थिर और पूर्वानुमान योग्य कर व्यवस्था तैयार करना है।
कंपनी ने दावा किया कि रॉयल्टी, नीलामी प्रीमियम, जिला खनिज फाउंडेशन का योगदान और राज्यों की जीएसटी हिस्सेदारी पहले की तरह जारी रहेगी। मौजूदा व्यवस्था में राज्यों को मिलने वाली किसी भी आय को कम नहीं किया जाएगा।
MMDR Amendment Bill 2026:खनिजों से राज्यों को 2025-26 में मिला रिकॉर्ड राजस्व
बीसीसीएल के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्यों को खनिजों से 1,14,549 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। यह अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है। कंपनी का कहना है कि पिछले एक दशक में खनिज उत्पादन से राज्यों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
बीसीसीएल के मुताबिक एक समान और पूर्वानुमान योग्य कर ढांचा इस वृद्धि को आगे भी कायम रखने में मदद करेगा। इससे खनिज संपदा वाले राज्यों को नियमित और दीर्घकालिक राजस्व उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
मुख्य खबर के पांच प्रमुख बिंदु:
BCCL ने MMDR संशोधन विधेयक 2026 को लेकर अपना पक्ष रखा है।
कंपनी का दावा है कि खनन से मिलने वाले हर एक रुपये में करीब 90 पैसे राज्यों के पास रहेंगे।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्यों को खनिजों से 1,14,549 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड राजस्व मिला।
रॉयल्टी, नीलामी प्रीमियम, DMF योगदान और राज्यों की GST हिस्सेदारी जारी रहेगी।
बालू, गिट्टी, मिट्टी, ग्रेनाइट और संगमरमर जैसे छोटे खनिज विधेयक के दायरे से बाहर रहेंगे।
MMDR Amendment Bill 2026:रॉयल्टी और जीएसटी हिस्सेदारी पहले की तरह जारी रहने का दावा
कंपनी ने कहा है कि प्रस्तावित संशोधन के बावजूद राज्यों को मिलने वाले प्रमुख राजस्व स्रोतों में कोई कमी नहीं होगी। रॉयल्टी और नीलामी प्रीमियम के साथ जिला खनिज फाउंडेशन का योगदान जारी रहेगा। इसके अलावा राज्यों को मिलने वाली जीएसटी हिस्सेदारी भी पहले की तरह बनी रहेगी।
बीसीसीएल का दावा है कि केंद्र सरकार के प्रस्तावित विधेयक से किसी भी राज्य की खनिज आय कम नहीं होगी। कंपनी ने इसे खनन क्षेत्र के लिए स्थिर और पूर्वानुमान योग्य कर व्यवस्था तैयार करने की दिशा में कदम बताया है।
MMDR Amendment Bill 2026:बालू और गिट्टी जैसे छोटे खनिज विधेयक के दायरे से बाहर
एमएमडीआर संशोधन विधेयक 2026 में छोटे खनिजों को इसके दायरे से बाहर रखा गया है। इसका मतलब है कि बालू, गिट्टी, मिट्टी, ग्रेनाइट और संगमरमर जैसे छोटे खनिजों से संबंधित मौजूदा राज्य स्तरीय व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी।
बीसीसीएल के अनुसार छोटे खनिजों को लेकर राज्यों की मौजूदा व्यवस्था में प्रस्तावित संशोधन से बदलाव नहीं होगा। कंपनी का कहना है कि विधेयक का फोकस खनिज क्षेत्र में दीर्घकालिक और स्थिर राजस्व व्यवस्था बनाए रखने पर है।
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