NEET री-परीक्षा 2026 में फर्जी परीक्षार्थियों को बैठाने के मामले में EOU ने लखीसराय के प्रमोद कुमार को गिरफ्तार किया है। मामले में 27 लोगों को नामजद किया गया था।
NEET Re-Exam 2026पटनाः NEET री-परीक्षा 2026 में मूल अभ्यर्थियों की जगह स्कॉलर यानी फर्जी परीक्षार्थियों को बैठाने के मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने कार्रवाई तेज कर दी है। जांच एजेंसी ने लखीसराय जिले के हलसी थाना क्षेत्र के जहाना गांव निवासी प्रमोद कुमार (25) को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने अपने दो साथियों विकास कुमार और राहुल के माध्यम से परीक्षा केंद्र पर बायोमीट्रिक सत्यापन का टेंडर लिया था। इसके बाद कथित तौर पर बायोमीट्रिक ऑपरेटरों की मिलीभगत से फर्जी परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिलाया गया। गिरफ्तारी के बाद प्रमोद कुमार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
NEET Re-Exam 2026:बायोमीट्रिक सत्यापन के टेंडर से जुड़ा था आरोपी
आर्थिक अपराध इकाई के अनुसार, प्रमोद कुमार ने विकास कुमार और राहुल के माध्यम से परीक्षा केंद्र पर बायोमीट्रिक सत्यापन का टेंडर लिया था। आरोप है कि इस व्यवस्था का इस्तेमाल कर बायोमीट्रिक ऑपरेटरों की मिलीभगत से मूल अभ्यर्थियों की जगह दूसरे लोगों को परीक्षा में बैठाने में मदद की गयी।
EOU के मुताबिक, पूछताछ के दौरान प्रमोद कुमार ने मामले में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। उसने मो. शहजाद, सुबोध और रोहित कुमार उर्फ मुरारी की कथित मिलीभगत के संबंध में भी जानकारी दी है। जांच एजेंसी अब इन लोगों की भूमिका और पूरे नेटवर्क की कड़ियों की पड़ताल कर रही है।
Key Highlights
1. NEET री-परीक्षा 2026 में फर्जी परीक्षार्थियों को बैठाने के मामले में प्रमोद कुमार गिरफ्तार।
2. आरोपी लखीसराय जिले के हलसी थाना क्षेत्र के जहाना गांव का निवासी है।
3. विकास कुमार और राहुल के माध्यम से बायोमीट्रिक सत्यापन का टेंडर लेने का आरोप है।
4. मामले में मो. शहजाद, सुबोध और रोहित कुमार उर्फ मुरारी की कथित भूमिका की जानकारी सामने आयी है।
5. 21 जून 2026 को लखीसराय के किऊल थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई थी और 27 लोगों को नामजद किया गया था।
NEET Re-Exam 2026: 21 जून को दर्ज हुई थी प्राथमिकी, 27 लोग नामजद
इस मामले में 21 जून 2026 को लखीसराय जिले के किऊल थाने में प्राथमिकी दर्ज की गयी थी। इसी दिन लखीसराय के केंद्रीय विद्यालय, खगौर स्थित परीक्षा केंद्र पर फर्जी परीक्षार्थियों के शामिल होने का मामला सामने आया था।
प्राथमिकी में अभ्यर्थियों, स्कॉलर, बायोमीट्रिक ऑपरेटरों और सुपरवाइजर समेत कुल 27 लोगों को नामजद किया गया था। जांच एजेंसी अब परीक्षा केंद्र पर सत्यापन की प्रक्रिया, कथित मिलीभगत और फर्जी परीक्षार्थियों को प्रवेश दिलाने में शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
NEET Re-Exam 2026:अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच
प्रमोद कुमार की गिरफ्तारी के बाद आर्थिक अपराध इकाई इस मामले में कथित नेटवर्क की पूरी जानकारी जुटाने में लगी है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बायोमीट्रिक सत्यापन की प्रक्रिया में किस स्तर पर गड़बड़ी हुई और फर्जी परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिलाने में किन लोगों ने मदद की।
मामले में जिन अन्य व्यक्तियों के नाम सामने आये हैं, उनकी भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल प्रमोद कुमार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और जांच एजेंसी मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रही है।


















