मनरेगा योजना में लूट : यहां बिना घूस लिए नहीं होता है कोई काम !

गिरिडीह : जिले में मनरेगा योजना संबंधित विभाग के पदाधिकारियों व स्टाफ के लिए लूट-खसोट और घूस के माध्यम से अपनी जेब भरने का एक साधन बनकर रह गया है. जिले के सभी प्रखंडों में मुद्रा मोचन आम बात हो चुकी है. मनरेगा के सभी स्कीम पर बिना घूस लिए हुए काम नहीं होता है.

गरीब मजदूर अपना काम करवाने के लिए महाजन से ब्याज पर पैसा उठाकर घूस दे रहे हैं. उनके बावजूद भी काम नहीं हो पा रहा है. इसी तरह का मामला सामने आया है जिले के गांडेय प्रखंड के डोकीडीह पंचायत से. जहां पर गरीब मजदूर मोहम्मद कौसर से पशु शेड बनवाने के नाम पर रोजगार सेवक जमाल ने दस हजार रुपए घूस लिया.

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उन्होंने इसका प्रमाण भी दिखाया है. रोजगार सेवक ने फोन पे के माध्यम से पैसा लिया है. पीड़ित मजदूर मोहम्मद कौशल का कहना है कि पशु शेड के नाम पर दस हजार लिया गया है. पैसा लेने के बावजूद अभी तक उनका काम नहीं किया गया. जिससे थक हार कर इस मामले की शिकायत आवेदन के माध्यम से ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर से की है.

इस मामले को लेकर आरोपी रोजगार सेवक ने कहा है कि मुझे फंसाने के लिए हम पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं. जहां तक बात रही घूस की तो वह पैसा जमीन लेने के लिए पहले वह हमसे लिया था. फिर बाद में उन्होंने मुझे दस हजार रुपए दिया. हालांकि आपको बता दें कि रोजगार सेवक जमाल पर पहले भी घूस के आरोप लगे हैं, और उनके खिलाफ केस भी दर्ज हुआ है.

इस मामले को लेकर प्रखंड विकास पदाधिकारी विजय कुमार ने बताया है कि हमारे पास यह मामला आया है. हमने मामले की जांच पड़ताल के लिए बीपीओ को कहा है. जांच के बाद विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी.

रिपोर्ट: मो. चांद

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