पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने फरवरी में जब राजद से हट कर एनडीए के साथ सरकार बनाई तब फ्लोर टेस्ट से पहले विधायकों के खरीद फरोख्त की कोशिश की गई। यह आरोप जदयू-भाजपा के नेताओं ने विरोधी नेताओं पर लगाया था और मामले में जदयू के एक नेता ने कोतवाली थाना में मामला भी दर्ज करवाया था। मामला दर्ज करने के बाद अब जांच एजेंसी भी इस मामले में पुष्टि करती दिखाई दे रही है।
मामले में ईओयू के डीआईजी मानवजीत सिंह ढिल्लों का एक वीडियो सामने आया है जिसमें उन्होंने कहा है कि जांच में खरीद फरोख्त के कोशिश के साक्ष्य मिले हैं। इसके बाद अब मामले की जांच ईडी को सौंप दी गई है। बता दें कि फरवरी में जदयू-भाजपा के नेताओं ने आरोप लगाया था कि नीतीश सरकार को गिराने के लिए विरोधी दलों ने कई नेताओं को विधानसभा में नहीं घुसने देने की कोशिश की थी और कुछ विधायकों को करोड़ों रूपये दे कर खरीदने का भी आरोप लगाया था।
आरोप के बाद मामले की जाँच ईओयू ने शुरू की थी जिसके बाद जांच में आरोपों की पुष्टि हुई। अब यह मामला जांच के लिए ईडी को सौंप दी गई है। मामले में ईओयू के डीआईजी मानवजीत सिंह ढिल्लों ने कहा कि कुछ लोगों से पूछताछ में इस बात की पुष्टि हुई है जिसके बाद मामला अब ईडी को सौंप दिया गया है। अब तक की जांच की सारी रिपोर्ट भी ईडी को सौंप दिया गया है।
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पटना से चंदन तिवारी की रिपोर्ट
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