जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने दी जानकारी
धनबाद : अब नई शिक्षा नीति में इंजीनियरिंग करने के लिए अंग्रेजी की बाध्यता खत्म कर दी गयी है। हिंदी समेत ग्यारह भारतीय भाषाओं में छात्र इंजीनियरिंग कर पाएंगे। ये बातें जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने धनबाद दौरे के अंतिम दिन मीडिया से बात करते हुए बताया।
इससे पूर्व गुरुवार को धनबाद के सिंह मेंशन पहुंची केंद्रीय मंत्री का जोरदार स्वागत किया गया, जहां स्थानीय विधायक राज सिन्हा, बोकारो विधायक बिरंचि नारायण, पूर्व विधायक संजीव सिंह की पत्नी रागिनी सिंह समेत भाजपा के तमाम गणमान्य नेता मौजूद रहे।
छठी कक्षा से ही शुरू होगी व्यवसायिक शिक्षा की पढ़ाई
मंत्री ने मीडिया को बताया कि नई शिक्षा नीति में छठी कक्षा से ही व्यवसायिक शिक्षा की पढ़ाई शुरू हो जाएगी। छठी कक्षा तक बच्चों में अपने काम के प्रति रुचि उत्पन्न हो जाता है। वह यह जान लेते हैं कि उन्हें क्या करना है और वह उसी दिशा में अपनी शिक्षा को भी महत्त्व देंगे, उन्हें चुनेंगे और उसी अनुरूप काम करेंगे। मोदी सरकार की कोशिश है कि सभी वर्गों में समानता का भाव उत्पन्न करें। सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास यही हमारा मूल मंत्र है।
एक ही छत के नीचे सभी बच्चों को मिलेगी शिक्षा
कैबिनेट का गठन भी इसी उद्देश्य से किया गया है। सभी वर्ग के लोगों को प्राथमिकता और प्रमुखता दी गई है। विशेषकर युवाओं और महिलाओं को आजादी के बाद से सर्वाधिक प्रतिनिधित्व दिया गया है। ठीक उसी तरह शिक्षा नीति भी बनाई गई है। जिसमें एक ही छत के नीचे सभी तरह के बच्चे शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।
दिव्यांग बच्चों के लिए साइन लैंग्वेज की व्यवस्था
उन्होंने बताया कि दिव्यांग बच्चों के लिए साइन लैंग्वेज की व्यवस्था कक्षा में रहेगी। वे सामान्य बच्चों के साथ ही शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं। उनमें यह भावना घर ना करें कि वह अन्य की अपेक्षा कमजोर हैं। इसके लिए तकनीक का सहारा भी लिया जाएगा। हालांकि अफगानिस्तान के हालात पर पूछे गए सवाल का गोल-मटोल जवाब देकर वो बच निकलीं।
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