JSSC JE Paper Leak: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की ओर से 3 जुलाई 2022 को आयोजित जूनियर इंजीनियर नियुक्ति परीक्षा के पेपर लीक मामले में विशेष जांच टीम (SIT) को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। मामले में दिल्ली स्थित बायनसिस टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड की परीक्षा एजेंसी के मैनेजर कृष्ण कुमार और चार पूर्व अभ्यर्थियों रंजीत मंडल, दीपक कुमार, अभिषेक कुमार तथा दीपक श्रीवास्तव को कथित संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इसी मामले में फरार चल रहे परीक्षा एजेंसी के निदेशक सह मैनेजर अरुण कुमार को भी मुंबई से गिरफ्तार किया गया है। सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। अब SIT की टीम आरोपियों से पूछताछ के जरिए पेपर लीक के कथित नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
1279 पदों के लिए हुई थी जूनियर इंजीनियर परीक्षा
जूनियर इंजीनियर नियुक्ति के लिए यह परीक्षा 1279 पदों पर भर्ती के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र और उसके उत्तर बाजार में पहुंचने के आरोप सामने आए थे। जांच के दौरान यह भी सामने आने की बात कही गई कि परीक्षा से पहले कथित तौर पर प्रश्नों के उत्तर लिखे हुए उपलब्ध कराए गए थे। आरोप है कि इन उत्तरों को बाद में कुछ अभ्यर्थियों तक पहुंचाया गया।
परीक्षा एजेंसी की भूमिका भी जांच के दायरे में
पेपर लीक मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ परीक्षा संचालन में शामिल एजेंसी की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई। SIT को जांच के दौरान एजेंसी की कथित मिलीभगत से जुड़े साक्ष्य मिलने के बाद उसके निदेशक अरुण कुमार तक पहुंचने में सफलता मिली। अरुण कुमार को मुंबई से गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। अब जांच टीम उससे पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित पेपर लीक की पूरी प्रक्रिया में उसकी और अन्य लोगों की क्या भूमिका रही।
SIT खंगाल रही पेपर लीक का पूरा नेटवर्क
मामले में इससे पहले भी पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। अब परीक्षा संचालन एजेंसी के निदेशक की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है। SIT यह पता लगाने में जुटी है कि प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले कथित तौर पर किस स्तर पर लीक हुआ, उसे किसने हासिल किया और किन माध्यमों से वह अभ्यर्थियों तक पहुंचा। जांच टीम मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।
पूछताछ में सामने आ सकती है अहम जानकारी
पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद JSSC ने 3 जुलाई 2022 को आयोजित जूनियर इंजीनियर परीक्षा को रद्द कर दिया था। इसके बाद मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई। न्यायिक रिकॉर्ड में भी परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक होने को लेकर दर्ज प्राथमिकी और जांच का उल्लेख है। ऐसे में अरुण कुमार की गिरफ्तारी को SIT की जांच में महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। अब आरोपियों से पूछताछ के दौरान कथित पेपर लीक की पूरी प्रक्रिया और अभ्यर्थियों तक प्रश्नपत्र या उसके उत्तर पहुंचाने से जुड़े पहलुओं पर जानकारी सामने आने की उम्मीद है। हालांकि, मामले में आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगी।
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