अब Lobin और JP का क्या होगा रे कालिया…

Ranchi : जैसे शोले फिल्म में गब्बर कालिया से पूछा था कि अब तेरा क्या होगा रे कालिया लगता है आने वाले दिनों में लोबिन हेंब्रम (lobin hembrum) और जेपी पटेल (JP Patel) के लिए कोई पूछेगा। बुधवार को दोनों विधायकों के दल-बदल मामले की सुनवाई हुई। झारखंड के दो विधायकों पर विधानसभा से निष्कासित होने का खतरा मंडरा रहा है। एक मांडू विधायक जेपी पटेल तो दूसरे बोरियो विधायक लोबिन हेंब्रम हैं। दोनों ही विधायकों के ऊपर दल-बदल का मामला विधानसभा का न्यायाधिकरण पर सुनवाई चल रही है। दोनों के ही मामलों में सुनवाई पूरी हो चुकी है। कोर्ट ने सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है।

विधायकी जाने का मंडरा रहा है खतरा 

अब सुनवाई के बाद दोनों ही विधायकों पर विधायकी जाने का खतरा मंडरा रहा है। हालांकि अब मामले में क्या फैसला आता है इसका खुलासा अगली सुनवाई के दौरान पता चल जाएगा। अगर बात करें मांडू विधायक जेपी पटेल की तो जेपी ने बीजेपी प्रत्याशी के तौर पर विधानसभा का चुनाव लड़ा था और जीत कर विधानसभा पहुंचे थे इसी दौरान उन्होंने लोकसभा चुनाव में बीजेपी छोड़कर कांग्रेस के सिंबल पर लोकसभा का चुनाव लड़ा।

ये भी पढ़ें- अब दिल्ली पहुंच गई झारखंड BJP, चुनाव आयोग से कर दी इस मामले की जांच की मांग… 

हालांकि उन्हें चुनाव में हार मिली। हार के बाद से ही उनके ऊबर दल-बदल का मामला चल रहा है। आज न्यायाधिकरण ने सुनवाई के बाद 25 जुलाई तक दोनों पक्षों को लिखित पक्ष रखने का निर्देश दिया है। सुनवाई के दौरान नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी ने साफ तौर पर कहा कि जेपी पटेल ने कांग्रेस जॉइन करने की सूचना नहीं दी। आगे उन्होंने कहा कि कांग्रेस के सिंबल पर चुनाव लड़े हैं या नहीं ये बताए। जॉइन करने की बात का खंडन भी नहीं किया है।

जेपी पटेल न्यायाधिकरण को गुमराह करने की कोशिश की है-अमर बाउरी

अमर बाउरी ने कहा कि नियम के विपरीत काम करने के वजह से उनकी सदस्यता रद्द की जानी चाहिए। जेपी पटेल न्यायाधिकरण को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं जेपी पटेल की तरफ से उनके वकील का कहना है कि हमें याचिका की कॉपी कल दी गई। लेकिन हमें जवाब देने के लिए समय नहीं दिया गया।

वहीं अगर बात करें लोबिन हेंब्रम की तो मामले में सुनवाई के दौरान न्यायाधिकरण ने फैसला रखा सुरक्षित रख लिया है। इस मामले में भी दोनों पक्षों को 25 जुलाई तक लिखित पक्ष रखने का निर्देश दिया है। सुनवाई के दौरान लोबिन हेंब्रम के अधिवक्ता ने पक्ष रखते हुए कहा कि मामले में अभी तक कोई नोटिस नहीं मिला है। अधिवक्ता ने कहा कि लोबिन हेंब्रम ने पार्टी विरोधी कोई काम नहीं किया है। मामले मे तर्क देते हुए अधिवक्ता ने कहा कि 1995 में भी पार्टी में रहते हुए लोबिन ने निर्दलीय चुनाव लड़ा था।

निर्दलीय चुनाव लड़ा पर पार्टी में ही था-लोबिन

उस समय भी निर्दलीय चुनाव लड़ा पर पार्टी में ही था, पार्टी नहीं छोड़ा। इस समय भी निर्दलीय चुनाव लड़ा पर पार्टी नहीं छोड़ा। आगे उन्होंने कहा कि बहुमत के समय पार्टी के हक़ में वोट भी किया और मेरे वोट की गिनती भी हुई। वहीं मामले में दूसरे पक्ष शिबू सोरेन की ओर से पक्ष रखते हुए उनके अधिवक्ता ने कहा कि मामले में पहले ही नोटिस दिया गया है। 17 मई को ही केंद्रीय अध्यक्ष ने लोबिन हेंब्रम को नोटिस जारी करते हुए उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया था।

ये भी पढ़ें- कांग्रेस प्रभारी GA Mir बोल पड़े-बिहार में 27% आरक्षण है तो झारखंड में क्यों नहीं… 

बहरहाल दोनों ही मालमे में सुनवाई के बाद कोर्ट ने मामले को सुरक्षित रख लिया है। दोनों ही पक्षों को 25 जुलाई को अपना पक्ष लिखित रुप में रखने का निर्देश दिया है। अब देखना यह दिलचस्प होगा कि इस दल-बदल मामले में विधानसभा का रुख क्या होता है। अब देखना यह होगा कि क्या दोनों की विधायकी जाएगी या फिर उनकी विधायकी रहेगी।

India Mobile Congress 2026: बिहार ने दिखाई डिजिटल ताकत, IT Ecosystem...

India Mobile Congress 2026: नई दिल्ली में आयोजित इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में बिहार ने Centre-State Round Table Meeting में सक्रिय भागीदारी की। कार्यक्रम...

Sudha Assam Expansion: असम में बढ़ा सुधा का कारोबार, अब एक...

Sudha Assam Expansion, पटना: बिहार स्टेट मिल्क को-ऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड (कॉम्फेड) ने अपने डेयरी ब्रांड सुधा की असम और पूर्वोत्तर राज्यों में बाजार पहुंच...

Patna Cinepolis Fine: ₹20 का पानी ₹50 में बेचना पड़ा भारी,...

Patna Cinepolis Fine: जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, पटना ने सिनेमा हॉल में पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर की कथित अधिक कीमत वसूली के मामले में...